केतन अग्रवाल की मां ने पीएम मोदी को भेजा भावुक ईमेल, बेटे को न्याय दिलाने की अपील
केतन अग्रवाल की हत्या के बाद न्याय की मांग कर रहीं उनकी मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ई-मेल भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है। इस ई-मेल के साथ उन्होंने एक वीडियो भी संलग्न किया है, जिसमें वे अपने हाथ में बेटे की तस्वीर थामे हुए फूट-फूटकर रोती हुई नजर आ रही हैं।

नई दिल्ली, 14 जुलाई । केतन अग्रवाल की हत्या के बाद न्याय की मांग कर रहीं उनकी मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ई-मेल भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है। इस ई-मेल के साथ उन्होंने एक वीडियो भी संलग्न किया है, जिसमें वे अपने हाथ में बेटे की तस्वीर थामे हुए फूट-फूटकर रोती हुई नजर आ रही हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी तरह की विशेष सुविधा या सहानुभूति की मांग नहीं कर रही हैं, बल्कि उनका एकमात्र मकसद अपने बेटे के लिए न्याय पाना है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए इस ई-मेल में राखी अग्रवाल ने लिखा है कि उन्होंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें अपने ही बेटे के लिए इंसाफ मांगने के उद्देश्य से पत्र लिखना पड़ेगा। हर मां की तरह उनका भी यही सपना था कि केतन की शादी हो, वह अपना परिवार बसाए और पूरी जिंदगी उनके साथ रहे। लेकिन किस्मत ने उनसे उनका बेटा छीन लिया और उन्हें खुद अपने बेटे का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
उन्होंने ई-मेल में लिखा, "एक मां के लिए इससे बड़ा दर्द कुछ नहीं हो सकता। मेरे बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके साथ मेरी पूरी दुनिया भी चली गई। घर का हर कोना मुझे उसकी याद दिलाता है। उसका कमरा, उसके कपड़े, उसकी तस्वीरें और वह सन्नाटा, जिसने उसकी हंसी की जगह ले ली है, हर दिन मुझे याद दिलाते हैं कि वह अब कभी वापस नहीं आएगा।"
राखी अग्रवाल ने बताया कि बेटे की मौत के महज 20 दिन बाद उनके ससुर का भी निधन हो गया। उन्होंने लिखा कि दादाजी केतन से बहुत प्यार करते थे और अपने पोते की मौत का सदमा सहन नहीं कर सके। इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर परिवार ने दो पीढ़ियों को खो दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वह केवल अपने बेटे के हत्यारों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहती हैं। उन्होंने लिखा, "केतन अब वापस नहीं आ सकता, लेकिन उसकी जान लेने वालों को कानून के मुताबिक सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। बस इतना चाहती हूं कि मेरे बेटे को इंसाफ मिले। कृपया उसके मामले पर विशेष ध्यान दें और बिना किसी अनावश्यक देरी के न्याय सुनिश्चित करें। मेरे बेटे को सिर्फ एक केस फाइल बनकर मत रहने दीजिए। वह किसी का बेटा, किसी का पोता और किसी का भाई था, लेकिन मेरे लिए वह मेरी पूरी दुनिया था।"
पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, "बेटा, मां अभी भी तेरे लिए लड़ रही है। मैं बस उस दिन का इंतजार कर रही हूं, जब मैं तुझसे कह सकूं कि बेटा, तुझे इंसाफ मिल गया।"
ई-मेल के साथ भेजे गए वीडियो में राखी अग्रवाल अपने बेटे केतन की तस्वीर हाथ में लेकर रोते हुए दिखाई देती हैं। वीडियो में वह कहती हैं, "केतन... आज पूरा देश तुम्हारे नाम से हिल चुका है। देखिए उसकी हंसी, उसकी आंखें। ऐसा लगता है कि वह आज भी हमारे सामने खड़ा है। उसकी मुस्कान देखकर लगता है कि वह अभी भी यहीं है। आखिर उसकी क्या गलती थी? मेरी क्या गलती थी? मेरे बेटे को क्यों मार दिया?"
उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन है और उनकी बेटी अपने भाई को राखी कैसे बांधेगी। उन्होंने कहा, "मैं अपनी बेटी को क्या जवाब दूंगी? मेरा पूरा परिवार इस गम में बिखर चुका है। उसके दादाजी भी यह सदमा सहन नहीं कर सके। मुझे अपने बेटे की शादी करनी थी। उसने अपने भविष्य के लिए कई सपने देखे थे और सारी तैयारियां कर रखी थीं।"
राखी अग्रवाल ने कहा कि आज भी उन्हें ऐसा महसूस होता है कि केतन उन्हें "मम्मी, मम्मी।" कहकर बुला रहा है। उन्होंने बताया कि जिस दिन वह घर से निकला था, उस दिन भी परिवार ने साथ बैठकर खाना खाया था और उसने सबसे प्यार से बात की थी। एक महीना बीत जाने के बाद भी उन्हें लगता है कि वह किसी भी पल घर का दरवाजा खोलकर वापस आ जाएगा।
वीडियो के अंत में राखी अग्रवाल हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देशवासियों से भावुक अपील करती हैं, "प्लीज... जस्टिस फॉर केतन। मेरे बेटे को इंसाफ दिला दीजिए।"
Source: IANS

