डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, यूएई के रास्ते भारत पहुंचे पाकिस्तान के 362

नई दिल्ली, 14 सितंबर । राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़ी कार्रवाई के तहत पाकिस्तान के 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखे खजूर जब्त किए हैं। भारत में पाकिस्तान से आयात पर लगे प्रतिबंध को दरकिनार कर दूसरे देश से होते हुए ये माल भारत भेजा गया था। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी है।

खास जानकारी मिलने पर, डीआरआई अधिकारियों ने नासिक के कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) अंबाद में मुंबई की एक कंपनी द्वारा इंपोर्ट किए गए सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनरों को रोका। ये सामान यूएई के जेबेल अली से भारत आए थे, जबकि इंपोर्ट डॉक्यूमेंट्स में यूएई को ही सामान का मूल देश बताया गया था। एजेंसी की शुरुआती जांच से पता चला कि ये सामान कथित तौर पर एक सोची-समझी ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था का हिस्सा थे, जिसका मकसद सामान के पाकिस्तान में बने होने की बात को छिपाना था।

डीआरआई ने कहा कि इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाइयों का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना और भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को मजबूत बनाना है।

विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने नासिक के अंबाड स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) में एक मुंबई स्थित कंपनी द्वारा आयात किए गए सूखे खजूरों से भरे 13 कंटेनरों को रोका। ये खेप संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के जेबेल अली से भारत पहुंची थीं। आयात दस्तावेजों में यूएई को ही मूल देश बताया गया था।

एजेंसी की प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये एक सुनियोजित ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था का हिस्सा थीं, जिसका उद्देश्य माल के पाकिस्तान मूल का होने की जानकारी को छिपाना था।

जांच के अनुसार, सूखे खजूरों को पहले पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से एक जहाज के जरिए यूएई के जेबेल अली बंदरगाह तक भेजा गया था। वहां इस माल को केवल ट्रांसशिप किया गया और दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित कर एक अन्य जहाज के माध्यम से भारत भेज दिया गया।

डीआरआई के अनुसार, भारत तक माल पहुंचाने की इस प्रक्रिया को पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित संस्थाओं की मदद से अंजाम दिया गया।

यह जब्ती ऐसे समय में हुई है, जब केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से उत्पन्न या वहां से निर्यात किए गए माल के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात तथा ट्रांजिट पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस संबंध में प्रतिबंध 2 मई 2025 से डीजीएफटी अधिसूचना के तहत लागू हुआ था। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उठाए गए इस कदम के तहत सीधे ही नहीं, बल्कि तीसरे देशों के माध्यम से भेजे गए माल को भी प्रतिबंधित किया गया है।

‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत डीआरआई उन पाकिस्तान मूल के सामानों की पहचान और रोकथाम में जुटा है, जिन्हें आयात प्रतिबंधों से बचने के लिए तीसरे देशों के जरिए भारत भेजा जा रहा है।

ताजा जब्ती इस बात को रेखांकित करती है कि एजेंसी गलत घोषणा, ट्रांसशिपमेंट और आयात दस्तावेजों में हेरफेर के माध्यम से व्यापारिक प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाले कथित नेटवर्क का पता लगाने और उन्हें ध्वस्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

Source: IANS

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