भारत का अप्रैल में निर्यात 13.6 प्रतिशत बढ़कर 80 अरब डॉलर के पार

नई दिल्ली, 15 मई । भारत का निर्यात अप्रैल में सालाना आधार पर 13.6 प्रतिशत बढ़कर 80.8 अरब डॉलर हो गया है, इसमें गुड्स की हिस्सेदारी 43.56 अरब डॉलर और सर्विसेज की हिस्सेदारी 37.2 अरब डॉलर रही है।

पिछले साल अप्रैल में गुड्स निर्यात 38.28 अरब डॉलर और सर्विसेज निर्यात 32.8 अरब डॉलर था।

भारत के निर्यात में ऐसे समय पर बढ़ोतरी देखी गई, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से मध्य पूर्व के कई देशों को निर्यात प्रभावित है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद निर्यात में मजबूती बनी हुई है, जिसका श्रेय भारत की नई भौगोलिक क्षेत्रों और उत्पाद बाजारों में विविधता लाने की क्षमता को जाता है।

निर्यात के साथ भारत के आयात में भी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में कुल आयात 88.6 अरब डॉलर था, जो कि पिछले साल समान अवधि में 82.3 अरब डॉलर था।

अप्रैल में गुड्स का आयात बढ़कर 71.9 अरब डॉलर हो गया है, जो कि अप्रैल 2025 में 65.4 अरब डॉलर था। सर्विसेज आयात कम होकर 16.66 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पहले 16.9 अरब डॉलर था। आयात में बढ़ोतरी होना दिखाता है कि देश की अर्थव्यवस्था में मांग मजबूत बनी हुई है।

इसके चलते भारत का वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 28.4 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 27.1 अरब डॉलर था।

वहीं, सर्विसेज सरप्लस बढ़कर अप्रैल में 20.54 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 15.9 अरब डॉलर था।

यूएस, भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य स्थान बना हुआ। वहीं, चीन देश के आयात का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2026 में 1,821 नए उत्पाद-देश निर्यात संयोजन स्थापित किए, जो एक व्यापक विविधीकरण रणनीति को दर्शाता है।

भारत का सोने का आयात अप्रैल 2026 में तेजी से बढ़कर 5.63 अरब डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 3.1 अरब डॉलर था।

Source: IANS

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