बाजार की पाठशाला: एजुकेशन लोन लेने का है प्लान? जानिए जून 2026 में किस बैंक की ब्याज दर है सबसे कम
देश और विदेश में उच्च शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एजुकेशन लोन छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय विकल्प बन गया है।

नई दिल्ली, 17 जून । देश और विदेश में उच्च शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एजुकेशन लोन छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय विकल्प बन गया है। जिन छात्रों के पास पढ़ाई के लिए पर्याप्त धन नहीं है, उनके लिए बैंक से लिया गया एजुकेशन लोन अपने करियर और सपनों को पूरा करने का रास्ता खोल सकता है।
सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र के बैंक छात्रों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर एजुकेशन लोन उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि, किसी भी लोन के लिए आवेदन करने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि छोटी-सी ब्याज दर का अंतर भी लंबे समय में कुल भुगतान राशि को काफी प्रभावित कर सकता है।
सरकारी बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) सबसे कम 8.10 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर एजुकेशन लोन दे रहा है। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 8.90 प्रतिशत की दर पर एजुकेशन लोन उपलब्ध करा रहा है। वहीं, केनरा बैंक और यूनियन बैंक की ब्याज दर 9.25 प्रतिशत है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्याज दर 10.25 प्रतिशत से शुरू होती है।
निजी बैंकों की बात करें तो आईसीआईसीआई बैंक 9.00 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर के साथ प्रमुख विकल्पों में शामिल है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 9.50 प्रतिशत और आईडीबीआई बैंक 9.90 प्रतिशत की दर पर एजुकेशन लोन प्रदान कर रहे हैं। वहीं, एक्सिस बैंक की ब्याज दर 10.81 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक की ब्याज दर 12.50 प्रतिशत तक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कम ब्याज दर देखकर लोन नहीं लेना चाहिए। छात्रों और अभिभावकों को लोन की पूरी शर्तें, मोरेटोरियम अवधि (कोर्स पूरा होने के बाद मिलने वाला समय), प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों को भी ध्यान से समझना चाहिए।
इसके अलावा, यह भी देखना जरूरी है कि बैंक किसी प्रकार की गारंटी या संपार्श्विक (कोलेटरल) की मांग कर रहा है या नहीं। कई बड़े लोन के लिए बैंक सुरक्षा के तौर पर संपत्ति या अन्य एसेट्स मांग सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एजुकेशन लोन लेने से पहले छात्रों को अपने भविष्य की कमाई और नौकरी की संभावनाओं का भी आकलन करना चाहिए। ऐसा करने से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद ईएमआई का भुगतान आसानी से किया जा सके और वित्तीय दबाव न बढ़े।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, एजुकेशन लोन लेने से पहले कई बैंकों के ऑफर की तुलना करना सबसे बेहतर रणनीति है। ब्याज दर, प्रोसेसिंग शुल्क, पुनर्भुगतान अवधि, क्रेडिट स्कोर और अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला भविष्य में आर्थिक बोझ को कम कर सकता है। सही योजना और समझदारी से चुना गया एजुकेशन लोन छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
Source: IANS

