कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में 1 प्रतिशत की गिरावट

मुंबई, 30 मार्च। अमेरिकी-ईरान युद्ध के पांचवें सप्ताह में प्रवेश करने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और महंगाई की चिंताओं के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। 

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,018 अंक यानी 1.4 प्रतिशत गिरकर 72,565.22 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 270 अंक या 1.2 प्रतिशत गिरकर 22,549.65 पर खुला।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.30 बजे के करीब) सेंसेक्स 794.87 अंक (1.08 प्रतिशत) गिरकर 72,788.35 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी50 228.75 (1.00 प्रतिशत) अंकों की गिरावट के साथ 22,590.85 पर ट्रेड कर रहा था।

व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 1.26 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

वहीं सेक्टर के हिसाब से देखें तो, निफ्टी बैंक (2.05 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.62 प्रतिशत की गिरावट) सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर रहे। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो (0.72 प्रतिशत की गिरावट), निफ्टी एफएमसीजी (0.14 प्रतिशत की गिरावट), निफ्टी आईटी (0.35 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी फार्मा (0.85 प्रतिशत की गिरावट) भी गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए।

जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.62 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 1.41 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 0.41 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली।

निफ्टी50 में कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, मैक्स हेल्थ, भारती एयरटेल और एसबीआई के शेयर सबसे ज्यादा गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए, जबकि हिंडाल्को, कोल इंडिया, बीईएल, ओएनजीसी, पावरग्रिड, एचयूएल और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में उछाल दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मंदी का संकेत देने वाली कैंडलस्टिक का बनना बाजार में लगातार कमजोरी और नकारात्मक भावना को दर्शाता है। निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 22,450-22,500 के दायरे में देखा जा रहा है, जबकि रेजिस्टेंस 22,950-23,000 के बीच है।

विश्लेषकों ने निवेशकों को अनुशासित और चयनात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि वे अल्पकालिक तेजी का पीछा करने के बजाय महत्वपूर्ण गिरावट के दौरान मौलिक रूप से मजबूत शेयरों पर ध्यान दें।

एक विश्लेषक ने कहा, "नई लॉन्ग पोजीशन पर विचार तभी किया जाना चाहिए जब निफ्टी निर्णायक रूप से 24,000 के स्तर को तोड़कर ऊपर उठ जाए और उसे बनाए रखे, जो बेहतर सेंटिमेंट का संकेत देगा और अधिक स्थिर रिकवरी का मार्ग प्रशस्त करेगा।"

Source: IANS

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