एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में संभावित डेटा लीक की जांच शुरू, हैकर समूह के दावे के बाद बढ़ी चिंता
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह एक संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो कथित तौर पर सेल्सफोर्स द्वारा होस्ट और प्रबंधित एक सास यानी सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (एसएएएस) प्लेटफॉर्म से जुड़ा है।
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर । एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह एक संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो कथित तौर पर सेल्सफोर्स द्वारा होस्ट और प्रबंधित एक सास यानी सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (एसएएएस) प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब एक हैकर समूह ने बैंक की प्रणालियों में सेंध लगाकर संवेदनशील ग्राहक जानकारी हासिल करने का दावा किया है।
बैंक ने एक बयान में कहा कि वह ऐसे संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो उसके वाहन ऋण (व्हीकल लोन) ग्राहकों से संबंधित सीमित डेटा रखने वाले सेल्सफोर्स-आधारित प्लेटफॉर्म से जुड़ा हो सकता है। हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया कि उसकी मुख्य बैंकिंग प्रणालियां इस घटना से प्रभावित नहीं हुई हैं और सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
बैंक के अनुसार, "एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक एक संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो सेल्सफोर्स द्वारा प्रबंधित और होस्ट किए गए सास प्लेटफॉर्म से संबंधित है। यह प्लेटफॉर्म केवल वाहन ऋण ग्राहकों से जुड़ी सीमित जानकारी रखता है। बैंक की अपनी प्रणालियां सुरक्षित हैं और सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।"
यह मामला उस समय सामने आया जब रिपोर्टों में दावा किया गया कि हैकर समूह स्कार्लेट ग्रुप ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कथित सेंधमारी की जिम्मेदारी ली है। हैकर समूह ने दावा किया है कि उसे ग्राहकों और बैंक के आंतरिक कॉर्पोरेट डेटा तक पहुंच मिली है।
रिपोर्टों के अनुसार, कथित रूप से लीक डेटा में केवाईसी रिकॉर्ड, व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज, पैन और आधार विवरण, क्रेडिट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, ऋण आवेदन पत्र, हस्ताक्षरित समझौते, बीमा रिकॉर्ड, सीआरएम डेटा, कर्मचारियों की जानकारी, लॉगिन हिस्ट्री और ऑडिट लॉग जैसी संवेदनशील सूचनाएं शामिल हो सकती हैं।
इस घटनाक्रम का असर बैंक के शेयर पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को बीएसई पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर करीब 2 प्रतिशत गिरकर 860.45 रुपए पर कारोबार करता दिखाई दिया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह में शेयर का उच्चतम स्तर 1,144.65 रुपए और न्यूनतम स्तर 832 रुपए रहा है।
गौरतलब है कि इसी महीने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से जुड़ा एक डेटा ब्रीच मामला भी सामने आया था, जिसमें 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड डार्क वेब पर पाए जाने की सूचना मिली थी। उस मामले में बैंक को उसके थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और सीईआरटी-इन की ओर से संभावित डेटा एक्सपोजर को लेकर अलर्ट प्राप्त हुआ था।
Source: IANS