जम्मू में एलपीजी सिलेंडरों के पर्याप्त स्टॉक, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाईः एडीसी अनुसूया जमवाल
कोई भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

जम्मू, 17 मार्च। एलपीजी को लेकर जम्मू में किस तरह की हालत हैं और इस पर कैसे नियंत्रण रखा जा रहा है, इसको लेकर एडीसी अनुसूया जमवाल ने आईएएनएस समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। उपायुक्त के आदेश पर प्रशासन सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रख रहा है।
एडीसी ने कहा कि नवरात्रि का पवित्र त्योहार आने वाला है और ईद का त्योहार भी नजदीक है। ऐसे में मैं सभी से अपील करती हूं कि किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है जिससे स्थिति बिगड़ सकती है, तो प्रशासन उन पर कड़ी नजर रख रहा है। गैस एजेंसियों से जुड़े कुछ मामलों का भी संज्ञान लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अगर कोई भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।
एडीसी ने आगे कहा, "अभी भी दुनिया भर के हालात को देखते हुए लोग थोड़ा घबरा गए हैं। लोग सोच रहे हैं कि आगे की स्थिति क्या रहेगी, क्योंकि वे दुकानों की ओर भाग रहे हैं। इसी बात को देखते हुए तो पहले तो सबसे पहले डिप्टी कमिश्नर जम्मू ने तेल विपणन कंपनियों में आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।"
एडीसी ने कहा, "डिप्टी कमिश्नर बैठक कर निर्देश दिया कि हम फील्ड विजिट करें, निरीक्षण करें। कोई कालाबाजारी, जमाखोरी तो न हो, इसकी जांच के लिए निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं। ऐसा कोई उदाहरण नहीं है। कोई आपसे यह जानने की कोशिश कर रहा है कि स्थिति का लाभ उठाएं। इसके लिए निरीक्षण किए जा रहे हैं। हमारे 51 वितरक जम्मू जिले में विभिन्न तेल कंपनियों के माध्यम से अपने जो भी शोरूम या आउटलेट का निरीक्षण कर रहे हैं। उनकी स्टॉक स्थिति देखी जा रही है। हम देख रहे हैं कि उनकी बुकिंग पेंडेंसी कितनी है और डिलीवरी की दर क्या है, डिलीवरी क्या रखी गई है। पेंडेंसी में कितने दिनों का अंतर शामिल है। तो जहां कहीं भी कमी दिख रही है, हम उस पर ध्यान दे रहे हैं।"
अनुसूया जमवाल ने आगे कहा, "हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है। घबराहट तब होती है जब अधिकतर लोग जमा होना चाहते हैं, लोग स्टॉक करना चाहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार के दिशानिर्देश हैं कि 25 दिन पहले आप शहरी क्षेत्र में दूसरी बुकिंग के लिए नहीं जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन पहले की समय सीमा तय की गई है।"
Source: IANS
