तमिलनाडु के 11 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को तमिलनाडु के 11 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिनमें नीलगिरी और कोयंबटूर भी शामिल हैं।

चेन्नई, 19 सितंबर । क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को तमिलनाडु के 11 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिनमें नीलगिरी और कोयंबटूर भी शामिल हैं।
मौसम विभाग ने अनुमानित बारिश की वजह महाराष्ट्र से दक्षिण-पूर्व अरब सागर तक फैले एक 'ट्रफ' (हवा के कम दबाव का क्षेत्र) को बताया है। इसके असर से तमिलनाडु के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने की उम्मीद है और कुछ जिलों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों में 22 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश से जलभराव और यातायात में बाधा आ सकती है।
शनिवार को कृष्णगिरि, धर्मपुरी, रानीपेट, विल्लुपुरम, तिरुवन्नामलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, कल्लाकुरिची और मदुरै जिलों में कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की भी संभावना है।
पश्चिमी घाट के साथ लगते जिलों और राज्य के कई अन्य हिस्सों में मध्यम बारिश का अनुमान है। चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में भी दिन भर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
कुड्डालोर, सलेम, इरोड, नमक्कल, पेरम्बलुर, अरियालुर, मयिलादुथुराई, तंजावुर, रामनाथपुरम और थूथुकुडी जिलों में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।
अलग-अलग इलाकों में बारिश की तेजी अलग-अलग हो सकती है। कुछ जगहों पर कम समय के लिए लेकिन जोरदार बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार को कई जिलों में फिर से भारी बारिश हो सकती है।
डिंडिगुल, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, तिरुचिरापल्ली, अरियालुर, पेरम्बलुर, मदुरै, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, तिरुवन्नामलाई, तिरुपत्तूर और वेल्लोर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की उम्मीद है, जबकि दोपहर और शाम के समय आंधी-तूफान आ सकता है।
अंदरूनी और पश्चिमी जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतें, क्योंकि विजिबिलिटी कम हो सकती है और सड़कों पर पानी भरने की संभावना है।
किसानों से भी कहा गया है कि वे कटी हुई फसलों और खुले में रखे कृषि उत्पादों को बचाने के लिए जरूरी सावधानी बरतें।
जिला प्रशासन से उम्मीद है कि वे बारिश के स्तर पर नजर रखेंगे और किसी भी स्थानीय बाढ़ या मौसम से जुड़ी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान दें और आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
Source: IANS

