रांची: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में मेस शुल्क बढ़ोतरी और खराब भोजन के

रांची, 23 अगस्त (आईएनएस)। रांची के मनातू स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में मेस शुल्क बढ़ाए जाने और भोजन की खराब गुणवत्ता के विरोध में छात्र आंदोलन पर उतर आए हैं। कुछ छात्रों ने इसे लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जबकि बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठे हैं।

रविवार दोपहर शुरू हुआ यह धरना देर रात तक जारी था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेस शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला बिना किसी पूर्व सूचना और छात्र प्रतिनिधियों से चर्चा के लिया। छात्रों के मुताबिक, शुल्क बढ़ने के बावजूद भोजन की गुणवत्ता में सुधार के बजाय लगातार गिरावट आई है। इससे छात्रों में असंतोष बढ़ता गया और मामला आंदोलन तक पहुंच गया। छात्रों ने बढ़ी हुई मेस फीस तत्काल वापस लेने की मांग की है।

इसके अलावा भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मेस का साप्ताहिक मेन्यू तय करने में छात्रों को शामिल करने और भोजन उपलब्ध कराने वाले वेंडर की कथित लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। छात्रों का आरोप है कि मेस की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष शिकायतें रखी गई थीं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

उनका कहना है कि मेस शुल्क में किसी भी तरह का बदलाव छात्रों पर सीधे आर्थिक बोझ डालता है। इसलिए ऐसे निर्णय से पहले छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत जरूरी है। रविवार को छात्रों ने मुख्य गेट पर जुटकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। देखते ही देखते प्रदर्शन में छात्रों की संख्या बढ़ती गई। छात्र शुल्क बढ़ोतरी वापस लेने और मेस व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे।

इसी दौरान कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा कर दी। आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और धरना समाप्त करने की अपील की। प्रशासन की ओर से वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की गई, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने कहा कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि बढ़ी हुई फीस वापस लेने, भोजन की गुणवत्ता सुधारने और मेस संचालन में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के संबंध में लिखित एवं स्पष्ट निर्णय होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter