राजस्थान: जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए, स्वास्थ्य

जयपुर, 27 अगस्त । देश के कुछ हिस्सों, खासकर दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बाद राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने गुरुवार को बताया कि जनवरी 2026 से अब तक राज्य भर में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा एच1एन1) के 146 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे मरीजों की स्क्रीनिंग, इलाज और रेफरल के लिए पूरी तैयारी रखें।

प्रमुख सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए। महीने के हिसाब से आंकड़े इस प्रकार थे: जनवरी में दो मामले, फरवरी में तीन, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में पांच और अगस्त में 55 मामले। अगस्त में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। राठौड़ ने साफ किया कि एच1एन1 वायरस का कोई नया या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला है। आईसीएमआर की जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अभी जो वायरस फैल रहा है, वह वही स्ट्रेन है जो पहले देखा गया था।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधान रहें और लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लें।

स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी बीमारी है, जिसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। ज्यादातर मरीज सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, छोटे बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जटिलताओं का ज्यादा खतरा होता है।

विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खांसते या छींकते समय अपना मुंह और नाक रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें और साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। बुखार, खांसी या गले में खराश वाले लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनना चाहिए। भरपूर आराम करने और तरल पदार्थ लेने की भी सलाह दी जाती है। जिन्हें सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, ऑक्सीजन का स्तर कम होने या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, उन्हें तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

राठौड़ ने खुद से दवा लेने (सेल्फ-मेडिकेशन) के खिलाफ़ चेतावनी दी और लोगों को सलाह दी कि वे डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं न लें।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संक्रमित लोगों के ज़्यादा करीब जाने से बचें और बीमार होने पर स्कूल, ऑफिस, सामाजिक समारोहों या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं।

विभाग पूरे राज्य में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों पर नजर रख रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को स्क्रीनिंग, इलाज और रेफरल की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों और घबराहट से बचें, समय पर डॉक्टर की सलाह लें और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए साफ़-सफ़ाई और सांस से जुड़ी स्वच्छता के नियमों का पालन करें।

Source: IANS

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