मुंबई: पश्चिमी रेलवे ने शुरू की बांद्रा (पूर्व) के गरीब नगर में शेष बची 94 संरचनाओं के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया
मुंबई के गरीब नगर क्षेत्र में पश्चिमी रेलवे द्वारा शुक्रवार को शेष बची 94 संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
मुंबई, 30 अक्टूबर । मुंबई के गरीब नगर क्षेत्र में पश्चिमी रेलवे द्वारा शुक्रवार को शेष बची 94 संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इससे पहले मई में बांद्रा (पूर्व) में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इन संरचनाओं को पिछले ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान इसलिए नहीं हटाया गया था, ताकि परियोजना से प्रभावित पात्र लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने अब इन सभी 94 पात्र लोगों को रहने के लिए स्थायी जगह आवंटित कर दी है और उन्हें इसका कब्जा भी सौंप दिया है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के 23 अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
याचिका का निपटारा करते हुए, न्यायालय ने निर्देश दिया था कि पात्र लोग एक सप्ताह के भीतर जगह खाली कर दें और उसके बाद 48 घंटों के भीतर रेलवे अधिकारी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करें। इस जगह के खाली होने से बांद्रा में बुनियादी ढाँचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के बड़े विस्तार का रास्ता साफ हो जाएगा।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में एक एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स का विकास करने में आसानी हो जाएगी, जिसमें यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और आवागमन के बेहतर रास्ते होंगे। एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म (पीएफ-8) का निर्माण और ट्रेनों को खड़ा करने की सुविधाओं (स्टेबलिंग फैसिलिटीज) का विस्तार होगा।
ट्रेनों के रखरखाव (मेंटेनेंस) से जुड़े बुनियादी ढांचे का विस्तार और सुधार किया जाएगा, जिसमें सहायक रखरखाव सुविधाओं को दूसरी जगह ले जाना या उनका विकास करना शामिल है। यात्रियों के आने-जाने की बेहतर व्यवस्था, वेटिंग एरिया और अन्य सहायक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
बता दें कि ये कार्य पश्चिमी रेलवे की उस व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत बांद्रा क्षेत्र को एक एकीकृत रेलवे कॉम्प्लेक्स में बदला जाएगा। इससे यात्रियों को संभालने की क्षमता और परिचालन क्षमता में काफी सुधार होगा।
जमीन खाली होने से इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को फायदा होगा और मुंबई की उपनगरीय (सबरबन) तथा लंबी दूरी की रेलवे कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
Source: IANS