झारखंड: JSSC CGL प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में सीआईडी ने एक और सफल

रांची, 6 सितंबर । झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष जांच टीम ने रविवार को एक सफल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान कुंदन कुमार के रूप में हुई है।

आरोप है कि उसने पेपर लीक गिरोह को पैसे दिए थे। कुंदन कुमार मूलरूप से पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी गांव का रहने वाला है। अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष जांच टीम के अनुसार, कुंदन कुमार संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में सफल हुआ था और वर्तमान में गुमला जिले के सिसई में पदस्थापित था।

जांच एजेंसी को मिले साक्ष्यों के अनुसार, पेपर लीक गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर आईसीएन एजेंसी के मिथिलेश सिंह से प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इसके बाद गिरोह ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए थे। कुंदन कुमार पर भी गिरोह को पैसे देने का आरोप है। मामले में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

अपराध अनुसंधान विभाग के अनुसार, अब तक 125 से अधिक ऐसे अभ्यर्थी जांच के दायरे में आए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इनमें 28 अभ्यर्थी ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें परीक्षा से पहले गिरोह के सदस्यों द्वारा नेपाल ले जाया गया था। आरोप है कि वहां उन्हें बैठाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के माध्यम से अभ्यर्थियों को कुल 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। इनमें से 120 प्रश्न कथित तौर पर मुख्य परीक्षा में हूबहू पूछे गए थे।

जांच एजेंसी संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों के साथ गिरफ्तार और नामजद आरोपियों के मोबाइल फोन का कॉल विवरण और बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। अपराध अनुसंधान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में यदि किसी अभ्यर्थी के प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह से संपर्क या परीक्षा में फर्जीवाड़े में शामिल होने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नौकरी में चयनित ऐसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी जांच के निष्कर्ष के आधार पर प्रभावित हो सकती है।

Source: IANS

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