गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिहाई की मांग वाली याचिका

नई दिल्ली, 10 सितंबर । सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह फैसला सुनाया।

अबू सलेम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिला की थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सलेम की याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले, 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सलेम की याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया था।

सलेम की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गई थी कि जब उसे पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था, तो भारत सरकार ने आश्वासन दिया था कि उसे किसी भी मामले में मौत की सजा नहीं दी जाएगी और उसे 25 साल से अधिक की सजा नहीं दी जाएगी। उसकी तरफ से कहा गया था कि सजा में मिलने वाली छूट को जोड़ने पर उसने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, इसलिए उसे रिहा किया जाए।

सलेम का मुख्य दावा यह था कि अगर मुकदमे के दौरान हिरासत , सजा के बाद की हिरासत और अच्छे व्यवहार के लिए जेल में मिली छूट को सही ढंग से एक साथ गिना जाए, तो उसने 31 मार्च 2025 तक 25 साल का समय पूरा कर लिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उसकी याचिका समय से पहले दायर की गई है। उसकी 25 साल की अवधि 2030 में पूरी होगी।

सलेम को 2002 में पुर्तगाल में गिरफ्तार किया गया था। प्रत्यर्पण की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सलेम को 2005 में भारत लाया गया। इसके बाद उस पर टाडा के दो मामलों में मुकदमा चला, जिसमें एक 1993 के बॉम्बे धमाकों से जुड़ा था और दूसरा एक अलग मामला था। उसे क्रमशः 25 फरवरी 2015 व 7 सितंबर 2017 के फैसलों में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter