सीतापुर में सीएम योगी का एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित, एसएचओ के खिलाफ

सीतापुर, 15 अगस्त । यूपी के सीतापुर में किशोरी की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। यूपी में अपराध करेंगे तो कार्रवाई होगी और अपराधियों को बचाने की कोशिश हुई तो जिम्मेदार भी नहीं बचेंगे।

कोतवाली देहात क्षेत्र में किशोरी का पेड़ पर लटका शव मिलने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं, पुलिस की लापरवाही पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और एसएचओ के खिलाफ जांच शुरू है।

योगी सरकार की निगरानी में पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैंगिंग बताया गया है। जांच में सामने आने वाले हर तथ्य को गंभीरता से लिया जा रहा है।

सरकार का रुख स्पष्ट है कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। सीतापुर मामले में कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस की भूमिका में लापरवाही मिलने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एसएचओ के विरुद्ध जांच चल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति में अपराध के साथ-साथ कर्तव्य में लापरवाही के लिए भी कोई जगह नहीं है। कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।

यह कार्रवाई सरकार के उस सख्त संदेश को दोहराती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। अपराध करने वाला हो, उसे संरक्षण देने वाला हो या कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाला जांच में दोषी मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

Source: IANS

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