किश्तवाड़ रेप मामला : मुख्य आरोपी समेत तीन अन्य गिरफ्तार, कुल गिरफ्तारियों की संख्या पांच हुई

जम्मू, 27 अगस्त । जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पिछले हफ्ते किश्तवाड़ जिले में 15 साल की आदिवासी लड़की के रेप और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए लोगों में एक सरकारी स्कूल का टीचर शामिल है, जिस पर बार-बार यौन शोषण का आरोप है। साथ ही, उसका भाई और जिला अस्पताल किश्तवाड़ का एक दिहाड़ी मजदूर भी घटना में शामिल हैं।

आरोप है कि जिले के छत्रू इलाके में गर्भपात की कोशिश के बाद 20 अगस्त को नाबालिग लड़की की मौत हो गई।एसएसपी ने बताया कि दो आरोपियों की पहचान मोहम्मद इशाक और रियाज अहमद शेख के तौर पर हुई है जबकि दिहाड़ी मजदूर सफाई कर्मचारी की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि टीचर ने कई महीनों तक नाबालिग का बार-बार रेप किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।

छत्रू पुलिस को 20 अगस्त को लड़की की संदिग्ध हालात में मौत की जानकारी मिली। शुरू में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की।

एसएसपी ने कहा, "जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए जिनसे गंभीर अपराध होने का पता चला।" इसके बाद इस मामले को छत्रू पुलिस स्टेशन में एफआईआर में बदल दिया गया।

यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत दर्ज की गई, जिसमें रेप और गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण मौत जैसे अपराध शामिल हैं। इसमें 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' एक्ट भी लगाया गया। जांच के दौरान, 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' की धाराएं भी जोड़ी गईं।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस ने किश्तवाड़ के एडिशनल एसपी प्रदीप सिंह की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया। इस टीम में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) नीतीश शर्मा, छत्रू एसएचओ इंस्पेक्टर ऋषि कुमार और अन्य अधिकारी शामिल हैं। टीम को मामले के सभी पहलुओं की गहन, वैज्ञानिक और समयबद्ध जांच करने का निर्देश दिया गया है।

जांच के दौरान सरकारी टीचर के खिलाफ सबूत सामने आए, जिनमें यह आरोप भी शामिल है कि उसने नाबालिग का बार-बार यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।

एसएसपी ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि टीचर ने अपने भाई के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और गर्भ गिराने के लिए दवाएं दी।

लड़की को पहले इलाज के लिए छत्रू के पब्लिक हेल्थ सेंटर ले जाया गया था और बाद में आरोपी व अन्य लोग उसे ज़िला अस्पताल किश्तवाड़ ले गए। पुलिस का आरोप है कि अस्पताल का दिहाड़ी पर काम करने वाला सफाईकर्मी भी इस साजिश में शामिल था। नाबालिग लड़की का अस्पताल में इलाज हुआ और उसका अल्ट्रासाउंड भी किया गया।

एसएसपी ने बताया कि इसी आधार पर साजिश में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में इशाक, शेख और सफाईकर्मी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सबूत मिलने पर और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।

उन्होंने कहा, "जांच निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव के, पेशेवर, वैज्ञानिक और सबूतों के आधार पर की जा रही है।"

उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, किश्तवाड़ की जामा मस्जिद के स्थानीय इमाम ने गुरुवार को ज़िले में पूरी तरह से बंद का आह्वान किया है। वे मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बंद के इस आह्वान को वकीलों और हिंदू धार्मिक संगठनों सहित कई संगठनों का समर्थन मिला है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और किश्तवाड़ के एसएसपी को नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

आयोग ने कहा है कि अगर वे जवाब नहीं देते हैं, तो वह अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब कर सकता है। आयोग ने नाबालिग लड़की के साथ कथित बलात्कार और उसकी मौत के मामले की जांच करने का फैसला किया है।

Source: IANS

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