अनुपम खेर बर्थडे: बहुत कुछ हासिल करने वाले अभिनेता को लगता है एक कीमती चीज खोने का डर

मुंबई, 7 मार्च। 'सारांश' से हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता अनुपम खेर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।  

उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म में प्रतिभा का सही मूल्य सिनेमा को सिखा दिया था कि कला उम्र की मोहताज नहीं होती। सारांश में अभिनेता ने 28 साल की उम्र में 68 साल के बुजुर्ग का रोल प्ले किया था, जो अपने परिवार को संभालता है। अभिनेता ने अपने करियर में बहुत उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन फिर भी 550 फिल्मों का सफर पूरा किया और आज उनके पास सब कुछ है, लेकिन एक चीज है, जिसे खोने से अभिनेता आज भी डरते हैं।

हर किसी की जिंदगी जीने का तरीका अलग होता है, और अनुपम खेर मस्तमौला और खुद के फेवरेट इंसान हैं, बिल्कुल 'कभी खुशी कभी गम' में करीना कपूर के किरदार की तरह। अभिनेता ने खुद को फर्श से अर्श तक ले जाने का सफर तय किया है और जानते हैं कि हर एक चीज की कीमत होगी, और उनके लिए सबसे कीमती है, उनकी याद्दाश्त। अभिनेता को हमेशा याददाश्त खोने का डर रहता है, और इसी वजह है कि उन्हें तारीख और दिन बहुत अच्छे तरीके से याद रहते हैं।

अनुपम खेर का मानना है कि वे अपनी जिंदगी को एक फिल्म की तरह जीना चाहते हैं, और यही कारण है कि वे तारीख और जीवन का हर महत्वपूर्ण दिन याद रखते हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि वे अपनी जिंदगी को लिखना चाहते हैं, फिल्म की किसी कहानी की तरह। उन्होंने उस किस्से का भी जिक्र किया कि कैसे धोखाधड़ी की वजह से वह मुंबई पहुंचे थे।

दरअसल, अभिनेता को एक ऐड के बारे में पता चला, जिसमें एक्टिंग स्कूल में बच्चों को पढ़ाना था। अभिनेता ने संपर्क किया तो सामने से जवाब आया कि मुंबई आना पड़ेगा और सैलरी के तौर पर 5000 रुपए और रहने के लिए कमरा मिलेगा। अभिनेता ने बताया कि उस वक्त वे लखनऊ में पढ़ाते थे और ऑफर मिलने पर सब कुछ छोड़कर मुंबई के लिए रवाना हो गए। वहां जाकर पता चला कि एकेडमी जैसा कुछ नहीं है और धोखा हुआ है। अनुपम खेर के साथ मुंबई में पहली बार आते ही धोखा हो गया, जिसके बाद अभिनेता ने जिंदगी को सेंस और ह्यूमर के साथ जीना शुरू किया और हर अच्छे से लेकर बुरे पल को अपनी यादों में रखा।

Source: IANS

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