क्या भारत में लागू हो सकता है 4-डे वर्क वीक? अभिनेता विक्रांत मैसी ने दिया जवाब
दुनियाभर में '4-डे वर्क वीक' (हफ्ते में चार दिन काम) और वर्क-लाइफ बैलेंस पर बहस तेज हो चुकी है। जहां कई पश्चिमी देश इसे अपना रहे हैं, वहीं भारत में ऐसा होता देखना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है।

मुंबई, 22 जुलाई । दुनियाभर में '4-डे वर्क वीक' (हफ्ते में चार दिन काम) और वर्क-लाइफ बैलेंस पर बहस तेज हो चुकी है। जहां कई पश्चिमी देश इसे अपना रहे हैं, वहीं भारत में ऐसा होता देखना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। इसी मुद्दे पर अभिनेता विक्रांत मैसी ने बहुत ही व्यावहारिक और जमीनी पहलू सामने रखा है।
मनोरंजन जगत की दुनिया सभी को बाहर से चकाचौंध भरी दिखती है, लेकिन अंदर से यहां काम करने वालों की दिनचर्या उतनी ही कठिन है। बिना तय समय के काम करना और छुट्टियों की कमी हमेशा चर्चा का विषय रहता है।
अभिनेता विक्रांत मैसी ने बताया कि चार दिन का वर्क वीक दूसरे देशों में काम कर सकता है, लेकिन भारत में अभी यह मुमकिन नहीं है क्योंकि देश को अपनी ग्रोथ जर्नी में अभी भी लंबा रास्ता तय करना है।
अभिनेता ने वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' के प्रमोशन के दौरान इस विषय का मुद्दा छेड़ते हुए बताया, "उत्तरी यूरोप के देशों में जिस तरह की जीवनशैली और काम करने का तरीका अपनाया जाता है, मुझे नहीं लगता है कि वैसा भारत में अभी हो सकता है। क्योंकि हम अभी भी एक विकासशील अर्थव्यवस्था हैं और हमारा लोकतंत्र अभी काफी युवा है। एक देश के रूप में हमें अभी बहुत कुछ हासिल करना है। यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी है।"
अभिनेता विक्रांत मैसी ने अपनी बात को रखते हुए कहा कि अगर भारत आने वाले दशकों में अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करता है, तो ये मुमकिन हो सकता है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि अगर हम सच में भारत को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं और उसकी असली क्षमता का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो एक युवा देश के तौर पर, कम से कम अगले 30, 40 या 50 सालों तक, हमें सच में बहुत मेहनत करनी होगी।"
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा, "अगर मैं खास तौर पर इंडस्ट्री की बात करूं, तो यह बहुत ज्यादा खर्चे वाली इंडस्ट्री है। इसमें बहुत पैसा लगता है। अगर हमारी 12 घंटे की शिफ्ट भी होती है, तो हम असल में 12 घंटे शूट नहीं करते हैं। हम शायद सिर्फ़ चार या पांच घंटे ही शूट करते हैं। कभी-कभी हमें 16-17 घंटे शूट करना पड़ता है क्योंकि बजट और प्रैक्टिकल चीजें होती हैं।"
Source: IANS

