राजपाल यादव ने बताई 5 करोड़ रुपए के कर्ज की असली कहानी, एग्रीमेंट को लेकर हुआ था विवाद!

मुंबई, 1 मार्च। 5 करोड़ रुपए के कर्ज और चेक बाउंस के मामले में हिंदी सिनेमा के कमीडियन राजपाल यादव 13 दिन की जेल काटकर वापस काम पर लौट चुके हैं, लेकिन अब उन्होंने अपने केस से जुड़े ऐसे फैक्ट्स को उजागर किया है, जिसे जानकर उनके फैंस भी हैरान हैं। 

अभिनेता राजपाल यादव ने बताया कि कैसे मनमानी तरीके से एग्रीमेंट को बढ़ाया गया और फिल्म के रिलीज के समय तक मोटा पैसा देने के लिए मजबूर किया गया।

राजपाल यादव ने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। अभिनेता का कहना है कि 5 करोड़ रुपए की ईंटों पर राजपाल यादव के गांव का पुश्तैनी मकान बना है और 50 करोड़ रुपए की रकम भी राजपाल यादव को कमजोर नहीं कर सकती। 

वीडियो में अभिनेता दावा कर रहे हैं कि सबसे पहले साल 2012 में पहला एग्रीमेंट साइन हुआ और 5 करोड़ रुपए के लोन के बदले 8 करोड़ रुपए मांगे गए, साथ ही वादा किया गया है कि फिल्म के रिलीज के बाद पैसा वापस होगा, लेकिन फिर अगले ही साल जब फिल्म के रिलीज के लिए सिनेमाघरों में जानी थी, लेकिन तभी दूसरा एग्रीमेंट फिल्म के रिलीज में देरी के समय भेजा जाता है जिसमें 11 करोड़ रुपए की मांग की जाती है।

राजपाल यादव के मुताबिक, फिल्म के रिलीज के बाद पैसों की वापसी की बात हुई थी, लेकिन फिल्म के रिलीज में देरी के बाद दूसरे एग्रीमेंट में पैसे बढ़ाने की बात गई और कहा गया है कि समय पर लौटा दोगे तो 7 करोड़ रुपए भी ले लूंगा, लेकिन अभी 11 करोड़ रुपए पर फिक्स कर लेते हैं। अभिनेता ने दावा किया कि शिकायकर्ता माघव गोपाल वर्मा के दिए इंटरव्यू के बाद फिल्म बुरी तरीके से पिट गई, क्योंकि हर जगह छप गया था कि राजपाल ने ठगा, राजपाल ने फ्रॉड किया।

फिल्म को लगभग 2500 स्क्रीन पर रिलीज होना था, लेकिन 1200 पर सिमट गई। थिएटर के मालिकों ने फिल्म लगाने से मना कर दिया। अभिनेता ने यह भी साफ किया कि मामला चेक बाउंस का नहीं था, क्योंकि उनके द्वारा दिया गया एक भी चेक बाउंस नहीं हुआ था और उनके साक्ष्य कोर्ट में भी रखे जाएंगे।

Source: IANS

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