सर्दियों में बढ़ते AQI के बीच घर को प्रदूषण मुक्त रखने के 10 उपाय
सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच घर की हवा को साफ और सुरक्षित कैसे रखें? जानें एयर प्यूरीफायर, वेंटिलेशन, सफाई और खानपान से जुड़े वैज्ञानिक उपाय।
नई दिल्ली, 1 नवंबर। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ने लगता है। बाहर छाई धुंध और स्मॉग के कारण लोग घरों के भीतर रहना अधिक सुरक्षित समझते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर के अंदर की हवा भी प्रदूषित हो सकती है? खाना पकाने, धूल, धुएं, अगरबत्ती, मच्छर भगाने वाली कॉइल और खराब वेंटिलेशन के कारण घर के भीतर भी हानिकारक कण और गैसें जमा हो सकती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित स्वास्थ्य संस्थाएं लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने को श्वसन और हृदय संबंधी समस्याओं से जोड़ती हैं। ऐसे में सर्दियों के दौरान घर को साफ और सुरक्षित रखने के लिए कुछ वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपाय अपनाना जरूरी है।
घर के अंदर भी बढ़ सकता है प्रदूषण
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग दरवाजे और खिड़कियां बंद रखते हैं। इससे बाहर से आने वाले प्रदूषकों का प्रवेश कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन घर के भीतर पैदा होने वाले प्रदूषक बाहर नहीं निकल पाते।
खाना पकाने के दौरान निकलने वाला धुआं, तड़का लगाने से पैदा होने वाले सूक्ष्म कण, अगरबत्ती और धूपबत्ती का धुआं, मच्छर भगाने वाली कॉइल तथा सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ रासायनिक उत्पाद इनडोर एयर क्वालिटी को खराब कर सकते हैं। इसके अलावा सूखी झाड़ू लगाने से धूल के महीन कण दोबारा हवा में फैल जाते हैं।
इसलिए घर को प्रदूषण से बचाने के लिए केवल खिड़कियां बंद रखना पर्याप्त नहीं है। प्रदूषण के स्रोतों को कम करना और उचित वेंटिलेशन बनाए रखना भी जरूरी है।
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर के भीतर हवा में मौजूद धूल और सूक्ष्म कणों को कम करने के लिए ट्रू HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर उपयोगी हो सकता है। ऐसे फिल्टर हवा से PM2.5 जैसे बेहद छोटे कणों को हटाने में मदद करते हैं। कुछ HEPA फिल्टर 0.3 माइक्रोन आकार के कणों को 99.97 प्रतिशत तक रोकने की क्षमता रखते हैं।
यदि घर के भीतर गंध और कुछ गैसीय प्रदूषकों को भी कम करना है, तो HEPA फिल्टर के साथ एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर वाला मॉडल चुना जा सकता है। हालांकि, हर प्रकार की गैस को हटाने में इसकी क्षमता समान नहीं होती।
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय कमरे के आकार के अनुसार उसकी क्लीन एयर डिलीवरी रेट (CADR) जरूर जांचें। फिल्टर को निर्माता के निर्देशों के अनुसार साफ या बदलना भी जरूरी है। ओजोन उत्पन्न करने वाले एयर प्यूरीफायर से बचना चाहिए, क्योंकि ओजोन सांस के लिए हानिकारक हो सकती है।
खाना पकाते समय अपनाएं ये सावधानियां
रसोई घर के भीतर वायु प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत हो सकती है। गैस पर खाना पकाते समय, खासकर तलने और तड़का लगाने के दौरान, सूक्ष्म कण और अन्य प्रदूषक निकल सकते हैं।
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खाना पकाते समय एग्जॉस्ट फैन या चिमनी का इस्तेमाल करें।
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संभव हो तो रसोई में बाहर की ओर हवा निकालने वाला वेंटिलेशन रखें।
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खाना पकाने के दौरान ढक्कन का उपयोग करें।
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तेज धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों को सीमित रखें।
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घर के भीतर मच्छर भगाने वाली कॉइल और धूम्रपान से बचें।
अगरबत्ती, धूपबत्ती और सुगंधित मोमबत्तियों का धुआं भी घर के भीतर कणों की मात्रा बढ़ा सकता है। इनका इस्तेमाल सीमित रखना बेहतर है।
सर्दियों में वेंटिलेशन का रखें ध्यान
ठंड के कारण पूरे दिन खिड़कियां बंद रखने से घर के भीतर प्रदूषक जमा हो सकते हैं। इसलिए जब बाहर की वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर हो, तब कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलकर हवा का आवागमन सुनिश्चित करें।
हालांकि, जब बाहर AQI बहुत खराब हो, तब लंबे समय तक खिड़कियां खुली रखने से बचें। वेंटिलेशन का समय तय करने के लिए स्थानीय वायु गुणवत्ता की जानकारी देखना उपयोगी हो सकता है।
इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का 'समीर' ऐप और आधिकारिक AQI प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किया जा सकता है।
हीटर का इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
सर्दियों में घर को गर्म रखने के लिए ब्लोअर, हैलोजन हीटर और ऑयल-फिल्ड रेडिएटर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इलेक्ट्रिक हीटर सामान्य रूप से ईंधन जलाने वाले हीटरों की तरह दहन से प्रदूषक पैदा नहीं करते, लेकिन इनका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।
ऑयल-फिल्ड रेडिएटर कमरे को गर्म करने का एक विकल्प है। यह हवा को सीधे गर्म हवा के तेज प्रवाह से गर्म नहीं करता, लेकिन इसे इस्तेमाल करते समय भी कमरे का तापमान और वेंटिलेशन संतुलित रखना जरूरी है।
गैस, कोयले या अन्य ईंधन से चलने वाले हीटरों का इस्तेमाल बंद और कम हवादार कमरे में न करें। ऐसे उपकरण कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा कर सकते हैं। हीटर को हमेशा निर्माता के सुरक्षा निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करें।
घर की सफाई के लिए अपनाएं सही तरीका
घर में जमा धूल भी इनडोर एयर पॉल्यूशन का कारण बन सकती है। सूखी झाड़ू लगाने से धूल के कण हवा में फैल जाते हैं और सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
इससे बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएं:
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सूखी झाड़ू की जगह गीले पोछे का इस्तेमाल करें।
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फर्नीचर और अन्य सतहों को गीले कपड़े से साफ करें।
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कालीन, पर्दे और बिस्तर की नियमित सफाई करें।
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वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करते समय HEPA फिल्टर वाले मॉडल को प्राथमिकता दें।
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सफाई के दौरान तेज गंध वाले रासायनिक उत्पादों का सीमित इस्तेमाल करें।
क्या घर के पौधे हवा को प्रदूषण मुक्त कर सकते हैं?
मनी प्लांट, स्नेक प्लांट और एरेका पाम जैसे इनडोर पौधे घर की सुंदरता बढ़ाते हैं। कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में पौधों की ओर से कुछ वायु प्रदूषकों को अवशोषित करने की क्षमता भी सामने आई है।
हालांकि, सामान्य घरों में पौधों की मदद से हवा को प्रभावी ढंग से साफ करने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसलिए इन्हें एयर प्यूरीफायर या उचित वेंटिलेशन का विकल्प नहीं मानना चाहिए। घर में पौधे लगाना अच्छा है, लेकिन प्रदूषण कम करने के लिए दूसरे प्रभावी उपाय भी जरूरी हैं।
घर में नमी का स्तर रखें संतुलित
सर्दियों में हवा शुष्क होने से कुछ लोगों को गले और नाक में सूखापन महसूस हो सकता है। घर के भीतर नमी का स्तर सामान्यतः 30 से 50 प्रतिशत के बीच रखना उपयोगी हो सकता है।
ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करते समय उसकी नियमित सफाई करें। अधिक नमी से फफूंद और धूल के कणों (डस्ट माइट्स) की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए कमरे में नमी का स्तर बहुत अधिक न होने दें।
खानपान और सेहत का भी रखें ध्यान
प्रदूषण के प्रभाव से बचने के लिए घर की हवा साफ रखने के साथ संतुलित खानपान और पर्याप्त नींद भी जरूरी है। आहार में आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू जैसी विटामिन-सी युक्त चीजें और विभिन्न प्रकार के फल-सब्जियां शामिल करें।
हालांकि, किसी खास खाद्य पदार्थ या गुड़ को फेफड़ों से प्रदूषक कण निकालने या शरीर को डिटॉक्स करने का प्रमाणित उपाय नहीं माना जाना चाहिए। पौष्टिक भोजन शरीर के सामान्य स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन यह प्रदूषित हवा से बचाव का विकल्प नहीं है।
सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच घर को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है कि प्रदूषण के स्रोतों को कम किया जाए, सही समय पर वेंटिलेशन किया जाए और जरूरत के अनुसार उपयुक्त एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जाए। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर घर के भीतर की हवा की गुणवत्ता बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
Source: IANS