राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस : हर साल लाखों लोगों की मौत, इन सावधानियों से कम हो सकता है खतरा
कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है। दुनियाभर में हर साल लाखों लोग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं।
नई दिल्ली, 6 नवंबर । कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है। दुनियाभर में हर साल लाखों लोग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। हालांकि, समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो इलाज की संभावना बेहतर हो सकती है। यही वजह है कि लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने और इसकी समय पर जांच के महत्व को समझाने के लिए हर साल 7 नवंबर को भारत में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है।
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को कैंसर के खतरे, शुरुआती लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी देना है। इसकी शुरुआत सितंबर 2014 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की थी। इस पहल के तहत लोगों को कैंसर की मुफ्त स्क्रीनिंग कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इसके साथ ही, कैंसर के शुरुआती लक्षणों और इससे बचाव से जुड़ी जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, कैंसर कई तरह की बीमारियों का समूह है। इसमें शरीर की कुछ असामान्य कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं और आसपास के अंगों तक फैल सकती हैं। कई बार ये कोशिकाएं शरीर के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंच जाती हैं। इस प्रक्रिया को मेटास्टेसिस कहा जाता है। यही कैंसर से होने वाली मौतों की एक बड़ी वजह है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, साल 2018 में दुनियाभर में कैंसर के कारण करीब 96 लाख लोगों की मौत हुई थी। पुरुषों में फेफड़े, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल, पेट और लिवर का कैंसर आम है। वहीं, महिलाओं में स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़े, सर्वाइकल और थायरॉइड कैंसर के मामले सबसे अधिक देखे जाते हैं।
कैंसर के सभी मामलों को रोकना संभव नहीं है, लेकिन कुछ आदतों में बदलाव करके इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।
तंबाकू से बनाएं दूरी: तंबाकू का सेवन कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। सिगरेट, बीड़ी और गुटखा जैसी चीजों से मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है।
खानपान का रखें ध्यान: अपनी डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और फाइबर वाली चीजें शामिल करें। प्रोसेस्ड मीट और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
रोज करें एक्सरसाइज: शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके लिए रोजाना टहलना, योग करना या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।
शराब से दूरी रखें: शराब का सेवन कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए इससे बचना बेहतर है।
नियमित जांच कराएं: महिलाओं को स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा उम्र, पारिवारिक इतिहास और अन्य जोखिमों के आधार पर जरूरी स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
Source: IANS