पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट: आयुष मंत्रालय ने सिखाई ध्यान की आसान तकनीक

नई दिल्ली, 8 जून । विश्व योग दिवस अब मात्र कुछ ही दिन दूर है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लगातार लोगों को स्वस्थ और शांत जीवन जीने के लिए योगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दे रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय लगातार नए-नए योगासनों के साथ ही उसके अभ्यास से मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दे रहा है।

मंत्रालय ने आसान और प्रभावी मेडिटेशन तकनीक सिखाई है। मंत्रालय का संदेश बहुत स्पष्ट है “पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट” यानी रुकें, सांस लें और खुद से दोबारा जुड़ें। योग एक्सपर्ट्स के अनुसार, ध्यान मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाने का सबसे आसान तरीका है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रोजाना सिर्फ कुछ मिनट की सचेत सांस और ध्यान अभ्यास से व्यक्ति के जीवन में स्पष्टता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा आ सकती है।

ऐसे में एक्सपर्ट लोगों से अपील करते हैं कि व्यस्त दिनचर्या में भी ध्यान के लिए समय निकालें। साथ ही ध्यान करने की सरल तकनीक भी बताई-

ध्यान के लिए किसी आरामदायक जगह पर ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। हाथों को जांघों पर ज्ञान मुद्रा (अंगूठा और तर्जनी उंगली को जोड़कर) में रखें। इसके बाद धीरे-धीरे आंखें बंद कर लें और चेहरे को थोड़ा ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते-छोड़ते रहें।

शुरुआत में सिर्फ सांस पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। फिर अपना ध्यान भौंहों के बीच वाली जगह (आज्ञा चक्र) पर लगाएं। इस अवस्था में पांच मिनट या जितनी देर तक सहज रह सकें, बैठे रहें। वहीं, अभ्यास पूरा करने के लिए धीरे-धीरे ध्यान को वापस सांस पर लाएं और फिर आसपास के वातावरण की ओर ले जाएं।

यह तकनीक अभ्यास के शुरुआती स्तर पर मौजूद लोगों के लिए भी बहुत आसान है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है, नींद अच्छी आती है और मन की अशांति दूर होती है। योग और ध्यान न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं।

Source: IANS

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