कमर दर्द और सर्वाइकल से हैं परेशान? रोज करें अर्धचक्रासन, मिलेगा आराम
आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करना, लगातार मोबाइल या लैपटॉप देखना और गलत पोश्चर में रहने की आदत आम हो गई है।

नई दिल्ली, 23 सितंबर । आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करना, लगातार मोबाइल या लैपटॉप देखना और गलत पोश्चर में रहने की आदत आम हो गई है। इसका सीधा असर हमारी रीढ़, गर्दन और पीठ पर पड़ सकता है। ऐसे में योग के कुछ आसान शरीर को स्ट्रेच करने और रीढ़ की लचक बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है अर्धचक्रासन।
अर्धचक्रासन में शरीर को पीछे की ओर हल्का मोड़ा जाता है। देखने में यह आसन आसान लग सकता है, लेकिन इसे करते समय शरीर का संतुलन और सही तकनीक बेहद जरूरी है। नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर यह रीढ़ की लचक को बेहतर करने के साथ पीठ और उससे जुड़ी मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अर्धचक्रासन के अभ्यास का पीठ, कंधे और रीढ़ के आसपास की मांसपेशियों पर असर होता है। इससे इन मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है। शरीर का पोश्चर बेहतर बनाए रखने के लिए भी मजबूत पीठ जरूरी होती है।
इसके अलावा यह आसन शरीर में खिंचाव और सक्रियता का एहसास कराता है। अर्धचक्रासन को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइसिस में भी फायदेमंद माना जाता है। नियमित योगाभ्यास के साथ इसे शामिल करने से शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
हर योग की तरह इसमें भी कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। अगर आपको चक्कर आते हैं या चलते-फिरते लड़खड़ाने की समस्या है तो इस आसन को करने से बचें। वहीं, हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के मरीजों को भी पीछे झुकते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए, धीरे-धीरे और डॉक्टर की सलाह पर ही इसे करें। यदि आप यह आ सर कर भी रहे हैं तो किसी भी तरह की असहजता, दर्द या चक्कर महसूस हो तो तुरंत आसन रोक दें।
Source: IANS

