Teheran
ईरान के विदेश मंत्रालय ने तेल प्रतिबंधों में मिली छूट को रद्द करने के अमेरिकी फैसले की कड़ी निंदा की है। ईरान ने इसे इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के आर्टिकल 10 का गंभीर उल्लंघन बताया है।
मध्य-पूर्व एशिया में फिलहाल शांति है, लेकिन यूएस-ईरान के बीच हाल ही में हुआ समझौता कितने दिन तक कायम रहेगा, इसे लेकर असमंजस बरकरार है। इसकी एक अहम वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फिर ईरान की ओर से दिए जा रहे जवाब माने जा रहे हैं।
ईरान में खामेनेई के आखिरी विदाई कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे रूस के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास न केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसा रणनीतिक दबाव का साधन है, बल्कि बाब अल-मंदेब में भी उसकी एक “बैकअप ताकत” मौजूद है।
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तदफीन का दूसरा दिन भी भारी भीड़ और शोक के माहौल के बीच जारी रहा। राजधानी तेहरान में हजारों-लाखों लोग जनाजे में शामिल हुए और इनमें दिवंगत सुप्रीम लीडर के तीन बेटे भी शामिल थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद पलटवार करते हुए ईरान ने कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट बाहरी ताकतों के लिए सैन्य शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं है। ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने आगाह किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल सैन्य ताकत दिखाने के बजाय क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए।
दिवंगत सुप्रीम लीडर को अंतिम विदाई का कार्यक्रम तेहरान में जारी है। इस बीच, होर्मुज को लेकर पश्चिमी देशों की मंशा पर सवाल उठाते हुए ईरान ने स्पष्ट कहा कि "रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट किसी भी बाहरी क्षेत्रीय शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं है", और चेतावनी दी कि किसी भी तरह के उकसावे का बराबर जवाब दिया जाएगा।
भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत की ओर से श्रद्धांजलि दी।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका-इजरायल पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस 'थोपे गए युद्ध' के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ईरान पूरी ताकत से कार्रवाई करेगा और कानूनी और कूटनीतिक सभी रास्तों का इस्तेमाल करेगा।
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के तदफीन यानी अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच रस्म अदायगी होगी।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बार फिर कहा है कि ईरान अपने लोगों के अधिकारों और राष्ट्रीय हितों से किसी भी परिस्थिति में "पीछे नहीं हटेगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत शासन की सामान्य नीतियों के ढांचे में ही सम्पन्न हुई।
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