Washington
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ किसी भी समझौते के लिए तीन बड़ी शर्तें रखी हैं। तेहरान को अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम सौंपना होगा, परमाणु हथियार बनाने की किसी भी कोशिश को छोड़ना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन बहाल करना होगा।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि तेहरान अब उन मुद्दों पर बात कर रहा है जिन पर पहले की अमेरिकी सरकारें उसे कभी बातचीत के लिए तैयार नहीं कर पाईं। ट्रंप प्रशासन ने दाव किया कि सैन्य और आर्थिक दबाव डालने की उसकी रणनीति ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की टेबल पर लाने में कामयाबी हासिल की है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ किसी भी 'खराब समझौते' को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समाधान होना चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य में खुली शिपिंग की गारंटी होनी चाहिए।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संयुक्त राज्य अमेरिका को दुनिया की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पावर घोषित करते हुए तर्क दिया कि चीन अभी भी काफी पीछे है। वाशिंगटन इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रतिस्पर्धाओं में से एक में अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भरोसा जताया है कि खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग बाधाएं कम होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है, लेकिन ऊर्जा बाजार में फिलहाल पर्याप्त रूप से सप्लाई हैं।
व्हाइट हाउस की पूर्व अधिकारी लिसा कर्टिस ने कहा है कि अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो के हालिया भारत दौरे से वाशिंगटन-नई दिल्ली के तनावपूर्ण संबंधों को स्थिर करने में मदद मिली, लेकिन सिर्फ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही दोनों देशों के संबंधों में पूरी तरह से भरोसा बहाल कर सकते हैं।।
अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और भारत के रिश्ते कमजोर हुए हैं। उन्होंने इसका कारण व्हाइट हाउस के भीतर गलत सलाह को बताया और कहा कि नई दिल्ली के साथ भरोसा फिर से बनाने के लिए असली और ईमानदार कोशिश की जरूरत है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने ईरान के ड्रोन मार गिराने और एक और सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। सोमवार को भी ईरानी बोट्स को निशाना बनाया गया था।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि इबोला वायरस से होने वाले संक्रमण के मामलों को अमेरिका में आने से रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन तेजी से काम कर रहा है। अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के बढ़ते मामलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच विदेश मंत्री ने यह बात कही।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह मिडटर्म चुनावों के राजनीतिक दबाव की वजह से ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चल रही बातचीत से अमेरिका की पसंद के मुताबिक समझौता नहीं हुआ, तो वॉशिंगटन फिर से सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
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