Washington
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर हमले टालने के फैसले के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई और बाजारों में तेजी देखी गई। भारत की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है, क्योंकि इसका आर्थिक असर पड़ सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के परमाणु संयंत्रों पर अमेरिका अगले 5 दिन तक कोई हमला नहीं करेगा। ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
ट्रंप प्रशासन द्वारा इमीग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ईसीई) के एजेंटों को तैनात करने के फैसले के बीच परिवहन सुरक्षा प्रशासन पर बढ़ते दबाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।
नाटो के महासचिव मार्क रुट्टे ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन किया और चेतावनी दी कि ईरान ऐसी मिसाइल क्षमताएं विकसित करने के “बहुत करीब” है जो यूरोप के लिए खतरा बन सकती हैं।
जी7 देशों ने रविवार को मिडिल ईस्ट के कई देशों में आम लोगों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा।
पश्चिम एशिया तनाव का असर पूरी दुनिया पर धीरे-धीरे दिखने लगा है। विभिन्न देशों ने ईंधन कटौती के उपाय किए हैं; इस बीच अमेरिका की एक एयरलाइन को आशंका है कि हालात ऐसे ही रहे तो क्रूड की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान की बढ़ती मिसाइल क्षमता पर चिंता जताई है।
व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए और एक विस्तृत बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने के करीब पहुंच गया है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसके जहाज अब समुद्र की तलहटी में हैं।
ट्रेडिंग न्यूज
मोस्ट व्यूज न्यूज
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.

