पंजाब के सीएम भगवंत मान पर भड़के नेता, बाजवा बोले-मान समेत सभी विधायकों के हों अल्कोमीटर टेस्ट

चंडीगढ़, 1 मई । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर बड़े गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस और अकाली दल की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके उन पर नशे में विधानसभा में आने का आरोप लगाया गया है।

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और सभी विधायकों का तत्काल अल्कोमीटर और डोप टेस्ट करवाने की मांग उठाई। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि सदन की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक घंटे के भीतर सभी विधायकों की जांच करवाई जाए। पत्र में यह भी मांग की गई कि पीजीआई चंडीगढ़ की स्वतंत्र मेडिकल टीम से निष्पक्ष तरीके से टेस्ट करवाए जाएं।

कांग्रेस विधायक दल के नेता बाजवा ने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि विधानसभा की मर्यादा, जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने से जुड़ा है। साथ ही कांग्रेस ने साफ किया कि जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान इन आरोपों को जांच प्रक्रिया के जरिए स्पष्ट नहीं करते, तब तक कांग्रेस विधायक दल सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगा।

वहीं, भाजपा नेता स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि आज फिर से पंजाब के सीएम भगवंत मान लोकतंत्र के मंदिर पंजाब विधानसभा में शराब के नशे में चूर होकर पहुंचे हैं। उन्होंने लिखा कि ये आदमी गुरुद्वारा साहिब शराब पीकर जाता है, मंदिर शराब पीकर जाता है, लोकसभा शराब पीकर आते थे, सरकार की मीटिंग में शराब पीकर जाते हैं और विदेश में इतनी शराब पी कि प्लेन से उतार दिया गया। स्वाति मालीवाल ने लिखा कि चुनाव से पहले इन्होंने अपनी मां के सर पर हाथ रखकर बोला था कि मैं अब कभी शराब नहीं पियूंगा। पंजाब जैसे सेंसिटिव बॉर्डर स्टेट का सीएम हर वक्त नशे में रहता है; नशे में फाइल साइन करता है। क्या बेशर्मी है?

स्वाति मालीवाल ने लिखा कि जो आदमी शराब से सिर्फ नींद के वक्त दूर होता हो, वो कैसे पंजाब चला सकता है? सीएम मान का एल्कोहल टेस्ट होना चाहिए और दोषी पाए जाने पर इन्हें सीएम पद से बर्खास्त करना चाहिए।

Source: IANS

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