भारत के समुद्री क्षेत्र की अपार क्षमता का पूरा उपयोग करेंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 5 अप्रैल। 'नेशनल मेरीटाइम डे' के अवसर पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के योगदान को सराहा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह दिन भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को याद करने और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर है। समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों की मेहनत और समर्पण देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है।

पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि भारत अपने समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का उपयोग कर एक समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, "21वीं सदी में, भारत का समुद्री क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हमने सदियों पुराने औपनिवेशिक शिपिंग कानूनों की जगह 21वीं सदी के आधुनिक और भविष्योन्मुखी कानून लागू किए हैं। ये नए कानून राज्य समुद्री बोर्डों को सशक्त बनाते हैं, सुरक्षा और स्थिरता को मज़बूत करते हैं, और बंदरगाह प्रबंधन को डिजिटल बनाते हैं।"

उन्होंने बताया कि 'मैरीटाइम इंडिया' विज़न के तहत 150 से ज्यादा पहलें शुरू की गई हैं, जिसके बाद बड़े बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है, टर्नअराउंड समय कम हो गया है और क्रूज़ पर्यटन में तेजी आई है।

इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर भारत के समुद्री क्षेत्र के कर्मियों को मेरी शुभकामनाएं।"

उन्होंने कहा, "शांति के समय हो या मुश्किलों भरे दौर में, देश के विकास को आगे बढ़ाने में आपके पेशेवरपन और साहस ने अहम भूमिका निभाई है। देश आपकी निष्ठा को सलाम करता है।"

वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मौके पर देश के नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को सलाम किया।

उन्होंने 'एक्स' पोस्ट के जरिए कहा कि भारत की समुद्री विरासत हमारी ताकत है और यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार को आगे बढ़ाने के साथ-साथ देश के तटीय इलाकों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने एक मजबूत और टिकाऊ समुद्री भविष्य के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "सदियों से भारत की समुद्री मार्गों के ज़रिए दुनिया से जुड़ने की एक गौरवशाली परंपरा रही है। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के मौके पर मैं साहसी और दिलेर नाविकों को बधाई देता हूं।"

बता दें कि राष्ट्रीय समुद्री दिवस हर साल 5 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन 1919 में भारत के पहले स्वामित्व वाले जहाज 'एसएस लॉयल्टी' की मुंबई से लंदन तक की पहली यात्रा की याद में मनाया जाता है। उस समय भारतीय शिपिंग ने ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती दी थी।

इस दिन का पहला आयोजन 1964 में किया गया था। भारत के विजन 2047 के तहत समुद्री क्षेत्र को और मजबूत बनाने की योजना है। वर्तमान में यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 4 प्रतिशत का योगदान देता है, जिसे 2047 तक बढ़ाकर दो अंकों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और 1 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Source: IANS

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