विपक्ष के आरोप पर शाइना एनसी का सवाल, चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं तो कांग्रेस केरल चुनाव कैसे जीती

नई दिल्ली, 5 मई । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद एनडीए में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस जनादेश को बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "यह जीत केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा से निभाना होगा। प्रधान ने यह भी कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है और विकास के एजेंडे को समर्थन दिया है।"

शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अपनी हार स्वीकार नहीं कर पा रही हैं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं। 2021 में जब तृणमूल कांग्रेस जीती थी, तब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन ( पर कोई सवाल नहीं उठाया गया था। शाइना एनसी ने कहा कि इस बार भारी मतदान प्रतिशत यह दर्शाता है कि जनता बदलाव चाहती थी और उसने स्पष्ट जनादेश दिया है।

शाइना एनसी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हटाए गए नामों में ज्यादातर डुप्लीकेट या मृत लोगों के थे। हार के बाद बहाने बनाना उचित नहीं है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाइना एनसी ने कहा कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है, तो कांग्रेस ने केरल में जीत कैसे हासिल की? उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी हार को स्वीकार करने के बजाय भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दल हारते हैं, तो वे चुनाव आयोग पर आरोप लगाने लगते हैं। यदि चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी होती, तो भाजपा तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भी जीत दर्ज करती। जहां भाजपा को सफलता मिली है, वहां वह जनता का आभार व्यक्त करती है और जहां नहीं मिली, वहां भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करेगी।

समाजवादी पार्टी के नेता किरणमय नंदा द्वारा टीएमसी की हार को भ्रष्टाचार और कुशासन से जोड़ने पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह सच्चाई को स्वीकार करने जैसा है। भाजपा की जीत सुशासन, विकास और सुरक्षा के एजेंडे का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें 2027 के चुनाव में अपनी हार के लिए तैयार रहना चाहिए।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement