विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने कहा, भारत में हमें अपनी जैविक विविधता पर बहुत गर्व

नई दिल्ली, 5 जून । विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देने के साथ ही ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ के सिद्धांत से प्रेरणा लेने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की भी सराहना की है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा, "भारत में हमें अपनी जैविक विविधता पर बहुत गर्व है। हमारे विविध पारिस्थितिक तंत्र अनगिनत प्रजातियों और आजीविका का आधार हैं। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में हमारे प्रयास भी सराहनीय रहे हैं। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुए, स्लॉथ बियर और चीतों के संरक्षण प्रयासों ने यह दिखाया है कि निरंतर प्रतिबद्धता वन्यजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्स्थापित करने में कैसे सहायक हो सकती है। 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहलों ने प्रतिवर्ष लगभग 1.19 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे एक्स पोस्ट में पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित लोगों की सराहना की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित सभी लोगों की मैं सराहना करता हूं। यह दिन पर्यावरण की रक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है। पिछले एक दशक में हमारी सरकार द्वारा किए गए अनेक प्रयास इस दिशा में हमारे कार्यों को उजागर करते हैं। भारत की कुछ प्रमुख उपलब्धियों में हरित आवरण का विस्तार और कई वन्यजीवों की आबादी में वृद्धि शामिल है। भारत के लोगों ने यह दिखाया है कि सामूहिक प्रयास, नीतियां, विज्ञान में विश्वास और नवाचार हमारे पर्यावरण को कैसे बेहतर बना सकते हैं।"

पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ के सिद्धांत से प्रेरित होकर, हम मिशन लाइफ की भावना के माध्यम से एक स्वच्छ, हरित और अधिक टिकाऊ ग्रह की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।

वहीं, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक्स पर लिखा, "विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह की रक्षा और इसकी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराएं। एक सतत भविष्य हमारे आज के निर्णयों पर निर्भर करता है। पर्यावरण के प्रति जागरूक प्रथाओं को अपनाकर और अपने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण प्रबंधन को बढ़ावा देकर, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ दुनिया का निर्माण कर सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर एक हरित भारत और एक विकसित भारत की दिशा में काम करें।"

Source: IANS

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