भारत और स्पेन डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई-बिजुम को आपस में जोड़ने को लेकर बातचीत में लाएंगे तेजी

नई दिल्ली, 20 जुलाई । भारत और स्पेन अपने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई-बिजुम को आपस में जोड़ने को लेकर बातचीत में तेजी लाने के लिए सहमत हो गए हैं। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय की ओर से दी गई।

दोनों देशों के बीच यह सहमति 13 से 18 जुलाई तक यूरोप के चार देशों के दौरे के तहत स्पेन पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की यात्रा के दौरान बनी है।

गोयल ने स्पेन के प्रथम उप-प्रधानमंत्री एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और व्यवसाय मंत्री कार्लोस कुएर्पो काबायेरो तथा उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर के साथ बातचीत की।

उन्होंने व्यापारिक समुदाय की भागीदारी के साथ भारत-स्पेन जॉइंट कमीशन की वार्षिक बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। वहीं, स्पेन ने द्विपक्षीय सहयोग को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित "इंडिया टीम" गठित करने का प्रस्ताव दिया।

दोनों देशों ने ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स, रसायन, वस्त्र, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं की पहचान की। चर्चा में निवेश को बढ़ावा देने, पेशेवरों की आवाजाही तथा लैटिन अमेरिका में संयुक्त निवेश पर भी विचार किया गया।

इसमें यूरोप और लैटिन अमेरिका के प्रवेश द्वार के रूप में स्पेन की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाने पर जोर दिया गया।

केंद्रीय मंत्री ने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत प्रमुख सी-295 विमान कार्यक्रम का स्वागत किया और प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी और सामाजिक सुरक्षा समझौते में हुई प्रगति की सराहना की।

भारत-स्पेन बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए गोयल ने उद्योग जगत से भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए शुरुआती स्तर पर साझेदारियां करने का आह्वान किया। उन्होंने अगले दशक में द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और पर्यटन को 10 गुना बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी "10×10×10" विजन भी पेश किया।

ब्रुसेल्स में गोयल ने भारत-ईयू व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की।

उन्होंने वर्ष 2026-27 के टीटीसी एक्शन प्लान को अपनाए जाने का स्वागत किया। साथ ही 21 अतिरिक्त भारतीय मत्स्य प्रसंस्करण प्रतिष्ठानों को सूचीबद्ध किए जाने का भी स्वागत किया, जिससे स्वीकृत भारतीय प्रतिष्ठानों की कुल संख्या बढ़कर 625 हो गई।

भारत ने भारतीय जहाज पुनर्चक्रण (शिप रीसाइक्लिंग) यार्डों को सूचीबद्ध करने का मुद्दा भी उठाया और कौशल, शिक्षा तथा प्रतिभा की आवाजाही पर भारत-ईयू संवाद शुरू करने का प्रस्ताव रखा।

दोनों पक्षों ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर जल्द हस्ताक्षर और उसके शीघ्र क्रियान्वयन की दिशा में मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेतक समझौते पर चल रही वार्ताओं, कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) पर सहयोग, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कृषि उत्पादों की बाजार पहुंच, बासमती चावल और स्टील स्क्रैप पर शुल्क संबंधी रियायतों सहित कई अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।

Source: IANS

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