स्पेशल फोर्सिस का संयुक्त मिशन: ‘साइक्लोन-4’ से बढ़ेगा भारत-मिस्र सैन्य तालमेल

नई दिल्ली, 8 अप्रैल। भारत और मिस्र की सेनाएं एक बेहद महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास करने जा रही हैं। इस सैन्य अभियान में दोनों देशों की स्पेशल फोर्सिस के जवान शामिल हो रहे हैं। इसके लिए भारतीय सेना का एक विशेष दल बुधवार को मिस्र रवाना हुआ है। यह सैन्य दल भारत व मिस्र के बीच होने वाले संयुक्त युद्धाभ्यास ‘साइक्लोन–4’ में शामिल होगा। 

मिस्र में यह अभ्यास 9 अप्रैल यानी गुरुवार से प्रारंभ होने जा रहा है। दोनों देशों की सेनाएं 17 अप्रैल तक मिस्र के अंशास क्षेत्र में यह सैन्य अभ्यास करेंगी।

इस अभ्यास के दौरान जवानों को रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने होंगे। उन्हें रेगिस्तान से जुड़ी रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें आतंकवाद-रोधी अभियान, बंधक बचाव, छापामार कार्रवाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सेना का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से सैनिकों की कार्यकुशलता और सामरिक समझ को और अधिक मजबूती मिलेगी। अभ्यास ‘साइक्लोन–4’ का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के सैनिकों के बीच पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान भी है। इसके माध्यम से वे एक-दूसरे की कार्यशैली, सैन्य परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इससे आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलेगा, जो भविष्य में संयुक्त अभियानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

गौरतलब है कि इस सैन्य अभ्यास का यह चौथा संस्करण है। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मिस्र पहुंच रहे भारतीय दल में विशेष बलों के 25 सैनिक शामिल हैं। ये जवान मिस्र की सेना के विशेष बलों के साथ मिलकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह संयुक्त अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि दोनों देशों के सैनिक चुनौतीपूर्ण हालात में एक-दूसरे के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें। इससे सैन्य बलों की संयुक्त अभियान योजना बनाने की क्षमता और परस्पर कार्यक्षमता में सुधार होगा।

दरअसल भारत और मिस्र के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास लंबे समय से रक्षा सहयोग का एक अहम हिस्सा रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के अभ्यास न केवल सैन्य संबंधों को मजबूत करते हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में ऐसे सहयोगात्मक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। मौजूदा ‘साइक्लोन–4’ अभ्यास भारत और मिस्र के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का प्रतीक है। यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल, विश्वास और मित्रता को और सुदृढ़ करेगा।

Source: IANS

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