पश्चिम एशिया संकट पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित

नई दिल्ली, 9 मार्च। लोकसभा में विपक्ष के हंगामा के बाद संसद की कार्यवाही 10 मार्च मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। विपक्षी सांसदों ने वेस्ट एशिया में बढ़ते विवाद पर केंद्र सरकार पर 'चुप्पी' का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।  

विपक्ष ने प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की भी मांग की है। इसके अलावा, विपक्षी नेताओं ने सरकार से यह बताने के लिए कहा है कि वह वेस्ट एशिया में अस्थिर स्थिति के कारण भारत पर पड़ने वाले संभावित एनर्जी संकट से निपटने का क्या इरादा रखती है।

इससे पहले दिन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बात की और स्थिति पर सरकार का रुख बताया। उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें निकालने से जुड़ी चिंताओं पर बात की। साथ ही भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा की, हालांकि विपक्षी सांसदों ने कहा कि वह मंत्री के बयान से खुश नहीं है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज के वैश्विक हालात में भारत ने देश के अंदर और बाहर भारतीयों के लिए जो कदम उठाए हैं, उनके बारे में विदेश मंत्री ने डिटेल में एक बयान दिया था, जिसमें हमारी एनर्जी सिक्योरिटी से लेकर लोगों की भलाई तक सब कुछ शामिल था। बदकिस्मती से, विपक्ष को यह भी नहीं पता कि उसे क्या करना है। उनके पास स्पीकर के खिलाफ एक पेंडिंग मोशन, एक नो-कॉन्फिडेंस मोशन है और जब इस पर चर्चा शुरू करने की बात आई, तो उन्होंने खुद को नाकाबिल, बिना सोचे-समझे और बिना फैक्ट्स के दिखाया है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि एक सदन में ऐसे व्यवहार की कभी उम्मीद नहीं की जा सकती और खासकर नेता प्रतिपक्ष के देखरेख में। सदन को चलने नहीं देना जनता के अधिकार की हकमारी जैसा है। आप अबोध बालक हो और आप अबोध ही रहोगे।

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि आज पूरा देश टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से देख रहा है कि आखिरकार सदन में क्या हो रहा है। किस प्रकार विपक्ष खासकर कांग्रेस पार्टी सदन के मर्यादा की धज्जियां उड़ा रही है, लेकिन आज आप देख रहे हैं कि एक दूसरे प्रस्ताव के साथ कांग्रेस पार्टी और विपक्ष आ गई है। एक परिवार का कांग्रेस में माफिया राज चल रहा है जिसमें वे सदन को भी घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को अपनी बात साफ-साफ रखनी चाहिए कि वह युद्ध को कैसे देख रही है और इस मामले पर उसका क्या स्टैंड है। वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं, जिनमें टूरिस्ट और दूसरे भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री के साथ गए पत्रकार पॉलिटिकल जर्नलिस्ट थे, लेकिन अब जब हम उनकी कवरेज देखते हैं, तो ऐसा लगता है कि वे वॉर जर्नलिस्ट बन गए हैं। तो सवाल यह है कि वे सुरक्षित कैसे लौटेंगे।

Source: IANS

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