नौसेना का पोत सुदर्शिनी बोस्टन पहुंचा, 'सेल बोस्टन 250' में करेगा

नई दिल्ली, 12 जुलाई । भारतीय नौसेना का पारंपरिक पाल युक्त जहाज आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के ऐतिहासिक बंदरगाह बोस्टन पहुंच गया है। यह नौसेना का एक प्रशिक्षण और सांस्कृतिक पोत है।

जानकारी के अनुसार, अमेरिका में बोस्टन 250 नाम से एक महत्वपूर्ण समारोह आयोजित किया गया है। अमेरिका के इस भव्य परेड ऑफ सेल्स में भारत के सुदर्शिनी ने हिस्सा लिया। यहां आयोजित इस समारोह में भाग लेते हुए सुदर्शिनी ने तिरंगा लहराया और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया।

बोस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी ने ऐतिहासिक बोस्टन बंदरगाह में प्रवेश करते समय परेड ऑफ सेल्स में हिस्सा लिया। यहां विभिन्न देशों के पारंपरिक और आधुनिक पोतों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर भारतीय पोत ने बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों और समुद्री समुदाय का ध्यान आकर्षित किया। बोस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत राघुराम एस समुद्र में ही पोत पर सवार हुए। उन्होंने लोकायन 2026 अभियान तथा सेल बोस्टन 250 में सुदर्शिनी की भागीदारी का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने पोत के अधिकारियों और नाविकों से मुलाकात कर अभियान की प्रगति तथा विभिन्न देशों में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की।

महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं, नौवहन कौशल और वैश्विक समुद्री संपर्कों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही यह भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग तथा लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में भी सहायक होगी। आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक प्रतिष्ठित पाल पोत है, जिसका उपयोग प्रशिक्षण, समुद्री जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना यात्राओं के लिए किया जा रहा है।

वर्तमान में यह लोकायन 2026 वैश्विक समुद्री अभियान पर है, जिसके तहत विभिन्न देशों के बंदरगाहों का दौरा कर भारत की समुद्री विरासत, संस्कृति और नौसैनिक परंपराओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सेल बोस्टन 250 समारोह अमेरिका के समुद्री इतिहास और नौवहन परंपराओं को समर्पित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। इसमें दुनिया भर से आए जहाज और समुद्री प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं। आईएनएस सुदर्शिनी की भागीदारी इस आयोजन में भारत की सक्रिय उपस्थिति और समुद्री क्षेत्र में उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करती है।

भारतीय नौसेना की आईएनएस सुदर्शिनी ने 8 जुलाई को अमेरिका में न्यूयॉर्क से आगे का सफर शुरू किया था। न्यूयॉर्क में ठहरने के दौरान नौसेना के पोत ने न केवल भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान की। सुदर्शिनी स्वदेशी रूप से निर्मित तीन मस्तूल वाला बार्क पोत है। यह भारतीय नौसेना के 10 महीने लंबे अंतर महासागरीय अभियान ‘लोकायन 2026’ पर है।

इस यात्रा के एक हिस्से के रूप में सुदर्शिनी ने अमेरिका की स्वतंत्रता की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250 और सेल फोर्थ 250 समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह आयोजन दुनिया भर की नौसेनाओं और पारंपरिक नौकायन पोतों की भागीदारी के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter