दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कॉलेज की छात्राओं से की सीधी बातचीत, सुरक्षा और शिक्षा पर दिया भरोसे का संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कॉलेज की छात्राओं के साथ सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कॉलेज की छात्राओं के साथ सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर छात्रा आगे बढ़े, नेतृत्व करे और अपने सपनों को पूरा करे, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "आज मैंने दिल्ली के अलग-अलग कॉलेजों के स्टूडेंट प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस अनौपचारिक मीटिंग में, स्टूडेंट्स ने अपने अनुभव शेयर किए और कॉलेजों में सुरक्षा, सुविधाओं और बेहतर शिक्षा के बारे में कई कीमती सुझाव दिए।"
उन्होंने कहा, "हमारी युवा पीढ़ी की सोच, उनके नए आइडिया और कुछ हासिल करने का उनका जोश हमें सच में प्रेरित करता है। आज के स्टूडेंट्स न सिर्फ अपने सपने पूरे करने के लिए बल्कि दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए भी आगे आ रहे हैं। छात्रों के सुझावों को लागू करने को प्राथमिकता दी जाएगी। नियमित बातचीत के साथ-साथ, आने वाली युवा नीति और बजट की तैयारियों में भी उनकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी।"
उन्होंने कहा, "दिल्ली के हर स्टूडेंट को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए, लीड करना चाहिए और अपने सपने पूरे करने चाहिए। उनकी हर चिंता हमारी जिम्मेदारी है और उनका उज्ज्वल भविष्य हमारा संकल्प है।"
इससे पहले रविवार को, नेशनल कमीशन फॉर विमेन (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने मिरांडा हाउस में दिल्ली यूनिवर्सिटी की नॉन-कॉलेजिएट महिला स्टूडेंट्स से बातचीत की और कहा कि खुद से मोटिवेशन, आत्मविश्वास और कुछ नया सीखने की इच्छा ही सफलता की असली ताकत हैं।
एक बयान के अनुसार, उन्होंने स्टूडेंट्स को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए कौशल सीखने और अपने सपनों को साकार करने के हर मौके का फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
एनसीडब्ल्यू ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग नॉन-कॉलेजिएट विमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) सेंटर्स पर 'उड़ान' प्रोग्राम आयोजित किए। इनका मकसद स्टूडेंट्स के बीच सेल्फ-डेवलपमेंट, भविष्य के कौशल और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े पीओएसएच एक्ट के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
बयान में कहा गया है कि इन पहलों के जरिए स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और भविष्य के अवसरों के लिए तैयार होने का मौका मिला।
Source: IANS