नोएडा में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, प्राधिकरण में उच्चस्तरीय बैठक; 200 से अधिक लोग हिरासत में

नोएडा, 13 अप्रैल। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है।  

वहीं, इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंची, जहां कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और हालात पर विस्तृत बैठक की गई।

इस दौरान श्रमिकों की मांगों, प्रदर्शन के कारणों और भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस के मुताबिक, करीब 42,000 कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कुछ स्थानों पर हिंसा भी देखने को मिली। हॉजरी कॉम्प्लेक्स समेत नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में रुक-रुक कर हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।

पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 60 लोगों को हिंसक प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जबकि 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इसके अलावा, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से स्वाभाविक नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश की आशंका है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग अन्य जनपदों से आकर माहौल को भड़काने और हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

फिलहाल, पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि संवाद और समन्वय के जरिए जल्द से जल्द औद्योगिक शांति बहाल की जाए।

Source: IANS

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