दिल्ली : कोर्ट ने अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व एमडी सतीश सेठ को ईडी की

नई दिल्ली, 14 जून । दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 6 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कस्टडी में भेज दिया है। वेकेशन जज वंदना जैन (एएसजे-3, साउथ वेस्ट) की अदालत ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी से पैसे कहां गए और पूरे फंड ट्रेल का पता लगाने के लिए कस्टोडियल पूछताछ बेहद जरूरी है। ईडी ने 13 दिन की कस्टडी की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने 6 दिन के लिए मंजूर किया।

ईडी के अनुसार, सतीश सेठ पर हवाला चैनल के जरिए विदेशों में ओवर-रेटेड डायमंड इंपोर्ट के नाम पर फर्जी बिल तैयार करके फंड साइफन करने का आरोप है। इस मामले में ईसीआईआर नंबर ईसीआईआर/एसटीएफ/08/2026 दर्ज किया गया है, जो पीएमएलए 2002 की धारा 3 और 4 के तहत है।

मामला मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 172/2026 (11 फरवरी 2026) से जुड़ा है। एफआईआर में आईपीसी की धाराएं 409, 465, 467, 468, 471 और 120B लगाई गई हैं। जांच में गीत एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, विभा इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, पहल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी शेल कंपनियों के जरिए हीरे के आयात में ज्यादा कीमत दिखाकर फर्जी बिल बनाए गए और हवाला रूट से पैसे विदेश भेजे गए।

13 जून 2026 की रात 8 बजे सतीश सेठ को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। ईडी की ओर से असिस्टेंट डायरेक्टर विक्रम अहलावत, ईओ दिनेश यादव समेत कई अधिकारी मौजूद थे। आरोपी के बेटे हर्ष सेठ और नयन भी कोर्ट में पेश हुए। सतीश सेठ की मेडिकल जांच कराई गई। ईडी की तरफ से विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन और अन्य वकीलों ने दलील दी कि पूछताछ के बिना फंड का पूरा ट्रेल नहीं पता चल सकता। आरोपी के वकीलों ने इसका विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने ईडी की आंशिक मांग मंजूर कर दी।

सतीश सेठ रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर और ग्रुप के वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। यह मामला रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े बड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

Source: IANS

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