प्रयागराज में महाशिवरात्रि पर माघ मेले का समापन, गोरखपुर में सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक

लखनऊ, 15 फरवरी। प्रयागराज के पावन संगम तट पर लगे धर्म-कर्म, त्याग और समर्पण के माघ मेले का समापन रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। "हर हर महादेव" के जयघोष और "ऊं नमः शिवाय" के मंत्रोच्चार से संगम नगरी गूंज उठी। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। 

काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा से शिवभक्तों का स्वागत हुआ। देश-विदेश के 63 मंदिरों से आई भेंट को भगवान विश्वेश्वर को अर्पित किया गया।

प्रयागराज में माघ मेले में महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। 44 दिन चले माघ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 22 करोड़ को पार कर गई। ये अब तक किसी भी माघ मेले का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माघ मेले के आयोजन और तैयारियों पर नजर रखे हुए थे और महाशिवरात्रि पर भी लगातार खबर ले रहे थे।

गोरखपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन, पूजन व दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक किया और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।

महाशिवरात्रि पर काशी आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रही। श्रद्धा की डोर से बंधे लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव के साक्षी बनने उमड़े। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक बेलपत्र, गंगाजल और दूध बाबा पर अर्पित किया। काशी “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान रही। श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से भेंट आई। यह भेंट भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित कर श्रद्धालुओं के मध्य वितरित की गई। शाम छह बजे तक 5,20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई।

महाशिवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर और क्षीरेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों पर शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे अयोध्या धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया। प्रत्येक जोन और सेक्टर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

Source: IANS

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