देश में रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, एक दिन में 50.5 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर की आपूर्ति
मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद देश में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को देशभर में 50.5 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल । मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद देश में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को देशभर में 50.5 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए।
मंत्रालय के अनुसार, मार्च से अब तक 4.68 लाख पाइप से गैस (घरेलू पाइप गैस) कनेक्शन चालू किए गए हैं और 5.23 लाख नए उपभोक्ताओं ने कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। लोगों को पाइप गैस और बिजली या इंडक्शन चूल्हों जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों को भी घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नए पाइप गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रसोई गैस की ऑनलाइन बुकिंग अब करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त सत्यापन कोड के जरिए होने वाली आपूर्ति लगभग 93 प्रतिशत हो गई है, जिससे गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
मंत्रालय ने कहा कि देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की घबराहट में खरीदारी न करें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। उपभोक्ताओं से डिजिटल माध्यमों के जरिए बुकिंग करने और वितरकों के पास जाने से बचने को भी कहा गया है।
सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से स्थानीय रसोई गैस उत्पादन बढ़ाया गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने निगरानी बढ़ाते हुए 255 गैस वितरकों पर जुर्माना लगाया है, जबकि 65 वितरकों की लाइसेंसशिप निलंबित की गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू रसोई गैस, पाइप गैस और वाहनों के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। व्यावसायिक रसोई गैस में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही औषधि, इस्पात, वाहन, बीज और कृषि जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को भी दोगुना कर दिया गया है।
सरकार ने आपूर्ति और मांग के संतुलन के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना, तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है।
Source: IANS