जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन, प्रदर्शनकारी बोले- गरीबों को

दिल्ली, 21 अगस्त । दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सिस्टम में बदलाव करने और यूजीसी के नियमों के विरोध में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें टेंट लगाने और मंच बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वे सवाल कर रहे हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है? क्या गरीब होने की वजह से उन्हें इसकी भी इजाजत नहीं दी जा रही है?

आईएएनएस से बातचीत के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारी मांग है कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किए जाएं। इसका राजनीतिकरण बंद होना चाहिए। जिसे जरूरत है, उसे मदद मिले। गांव के गरीब छात्रों को अच्छी शिक्षा मिले और वे अच्छे डॉक्टर और इंजीनियर बन सकें, ताकि देश का भविष्य उज्ज्वल हो।

प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि हम लगातार प्रतिभाओं का दमन कर रहे हैं और साथ ही विकसित भारत बनाने की बात कर रहे हैं। ऐसे में विकसित भारत कैसे बनेगा? यदि कम अंक लाने वाले छात्रों को डॉक्टर बनाया जाएगा तो देश का विकास कैसे होगा? यह आंदोलन राष्ट्रहित में चलाया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि लोग दूर-दूर से आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। उन्हें भी धूप से बचने के लिए छाया की व्यवस्था करने की अनुमति मिलनी चाहिए। हमसे कहा जा रहा है कि टेंट नहीं लगाने देंगे, मंच नहीं बनाने देंगे। टेंट और मंच की व्यवस्था करने वालों को भी धमकाया जा रहा है। अन्य आंदोलनों में इसकी अनुमति मिलती है, लेकिन हमें क्यों नहीं मिल रही? क्या हम गरीब हैं, इसलिए हमें टेंट लगाने की भी इजाजत नहीं दी जाएगी?

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमें अनुमति मिल चुकी है। अधिक से अधिक लोग यहां पहुंचें। अपने हक की मांग के लिए यहां आना पड़ेगा। आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे लोगों को पुलिस नहीं रोके।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण में सुधार की मांग बहुत पहले उठनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए अब हमें आगे आना पड़ रहा है। आरक्षण सिर्फ जरूरतमंद लोगों को ही मिलना चाहिए। गरीबों को आरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि गरीबी जाति देखकर नहीं आती। सरकार हमारी बात समझे और आर्थिक स्थिति तथा गरीबी के आधार पर आरक्षण दे, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का व्यक्ति हो।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter