आयुष्मान भारत की बड़ी उपलब्धि: 100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड आभा खातों से हुए लिंक

नई दिल्ली, 22 मई । आयुष्मान भारत हेल्थकेयर योजना को सभी तक पहुंचाने और डिजिटल पहुंच का विस्तार करने की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाते हुए 100 करोड़ से ज्‍यादा हेल्थ रिकॉर्ड आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) से लिंक किए गए हैं।

हिंदी भाषी राज्यों में से कई राज्यों ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत हेल्थ रिकॉर्ड को लिंक करने में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इन राज्‍यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात शामिल हैं।

यह उपलब्धि देश में एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और आपस में जुड़ने वाले डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एबीडीएम की एक खास बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में इसमें रजिस्ट्रेशन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अनुमानों के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में यह संख्या दोगुनी हो गई है।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "एबीडीएम ने लिंक किए गए हेल्थ रिकॉर्ड की संख्या को फरवरी 2025 में 50 करोड़ से बढ़ाकर सिर्फ 15 महीनों में 100 करोड़ से ज्‍यादा कर दिया है। अब हर दो से तीन महीनों में लगभग 10 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में 1,000 से भी कम लिंक किए गए रिकॉर्ड से लेकर आज 100 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड तक एबीडीएम दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में से एक बन गया है।"

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा लागू की जा रही यह परियोजना सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों, राज्य स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म, सार्वजनिक डिजिटल प्रणालियों और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी भागीदारों के बीच एबीडीएम को बढ़ते हुए अपनाने को दर्शाती है।

फिलहाल 450 से ज्‍यादा सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी समाधान एबीडीएम इकोसिस्टम के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत हो चुके हैं।

खास बात यह है कि आभा एक अद्वितीय डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के रूप में काम करता है, जो नागरिकों को अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच अपने हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से लिंक करने और उन तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने इस अहम उपलब्धि पर बात करते हुए कहा, “100 करोड़ से ज्‍यादा हेल्थ रिकॉर्ड को आभा से जोड़ना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सफर में एक अहम पड़ाव है। यह सरकारी कार्यक्रमों, राज्यों, स्वास्थ्य केंद्रों और निजी टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के बीच डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है। आभा से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य जानकारी तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुंच देकर उन्हें सशक्त बनाते हैं, और पूरे हेल्थकेयर सिस्टम में इलाज की निरंतरता को बनाए रखने में मदद करते हैं।”

Source: IANS

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