सीजेपी आंदोलन के बाद मुंबई में सख्ती, 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समर्थित आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कुछ हिस्सों में हुए हालिया प्रदर्शनों के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार गुरुवार से 6 अगस्त तक पूरे मुंबई में निषेधाज्ञा लागू रहेगी।

मुंबई, 23 जुलाई । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समर्थित आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कुछ हिस्सों में हुए हालिया प्रदर्शनों के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार गुरुवार से 6 अगस्त तक पूरे मुंबई में निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सभा पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। पुलिस ने नागरिकों से आदेशों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 900 लोगों के खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज की हैं।
पुलिस द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर शहर में शांति भंग होने, सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने, लोगों की जान को खतरा होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसी वजह से पूरे मुंबई में एहतियात के तौर पर यह निषेधाज्ञा लागू की गई है।
स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि इस अवधि में कोई नया प्रदर्शन, रैली या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या पैदा न हो।
यह आदेश महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 के तहत जारी किया गया है। इस कानून के तहत पुलिस को सार्वजनिक शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए विशेष प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।
आदेश के अनुसार, इस अवधि में हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा किसी व्यक्ति, शव या पुतले का सार्वजनिक प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर नारेबाजी, गीत गाना, संगीत बजाना, भाषण देना या लोगों को संबोधित करना भी प्रतिबंधित रहेगा। इतना ही नहीं, ऐसे पोस्टर, तस्वीरें, प्रतीक, तख्तियां या अन्य सामग्री तैयार करने, प्रदर्शित करने या फैलाने पर भी रोक होगी, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी शालीनता के खिलाफ, राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए नुकसानदायक मानता हो।
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना पूर्व अनुमति के कोई प्रदर्शन या सभा आयोजित की जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
20 जुलाई को सीजेपी के हजारों समर्थकों और बड़ी संख्या में छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी पेपर लीक सहित बार-बार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। इसी आंदोलन के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके मद्देनजर मुंबई पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया है।
Source: IANS

