राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'जीवन बचाओ और स्वस्थ भारत' अभियान का उद्घाटन किया, स्वास्थ्य को सामूहिक जिम्मेदारी बताया

मुंबई, 24 फरवरी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को मुंबई के लोक भवन में पीडी हिंदुजा अस्पताल द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान 'जीवन बचाओ और एक स्वस्थ भारत बनाओ' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी हितधारकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि सबसे गरीब व्यक्ति को भी समय पर और उचित चिकित्सा देखभाल उपलब्ध हो।

राष्ट्रपति ने भारत सरकार के पिछले दस वर्षों के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना, विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत लगभग 12 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का अस्पताल में भर्ती होने का कवर मिलता है। देशभर में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

मिशन इंद्रधनुष, टीबी मुक्त भारत अभियान और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन जैसे कार्यक्रम बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाने और नए एम्स और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता में सुधार हुआ है।

राष्ट्रपति ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर उचित चिकित्सा हस्तक्षेप से अधिकांश जानें बचाई जा सकती हैं। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक का नकद उपचार उपलब्ध कराया जाता है। एम्बुलेंस, ट्रॉमा सेंटरों के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जीवन रक्षा में सहायक हैं। 'जीवन बचाओ और एक स्वस्थ भारत बनाओ' अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

स्वस्थ नागरिक मजबूत राष्ट्र की नींव हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग है। सभी को किफायती और विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारा साझा मिशन होना चाहिए। उन्होंने प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका की चर्चा की। इंडियाएआई मिशन स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहा है। भविष्य में एआई की भूमिका और बढ़ेगी, जिसके लिए हम तैयार रहें।

राष्ट्रपति ने भारत को अग्रणी दवा उत्पादक देश बताते हुए कहा कि देश में बनी दवाएं विश्व भर में लोगों का इलाज कर रही हैं। लेकिन कई चिकित्सा उपकरणों और महत्वपूर्ण दवाओं के लिए हम अभी भी आयात पर निर्भर हैं, जो आम लोगों पर आर्थिक बोझ डालता है। मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं से स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने चिकित्सा और व्यापार जगत से अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक इस लक्ष्य की मूलभूत आवश्यकता हैं। सामूहिक प्रयासों से भारत को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और देश वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभरेगा। इस अभियान के माध्यम से पीडी हिंदुजा अस्पताल ने स्वास्थ्य जागरूकता, आपातकालीन सेवाओं और समावेशी स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement