भाजपा ने शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तर प्रदेश में होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव-2026 के लिए पांच प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने लखनऊ और आगरा स्नातक सीटों के साथ बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ और मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं।

लखनऊ, 24 मई । भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तर प्रदेश में होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव-2026 के लिए पांच प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने लखनऊ और आगरा स्नातक सीटों के साथ बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ और मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं।
भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अवनीश कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है। वहीं बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों चुनाव मैदान में होंगे। इसके अलावा लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्रीचंद शर्मा को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है।
प्रत्याशियों की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी सूची में की गई। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2026 में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर चुनाव होने हैं। उप्र विधान परिषद में कुल 100 सदस्य होते हैं, जिनमें आठ सदस्य शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों और आठ सदस्य स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं।
इन सीटों का चुनाव शिक्षित मतदाताओं और शिक्षक समुदाय के जरिए प्रत्यक्ष मतदान से कराया जाता है। वर्तमान में इन निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए सदस्यों का कार्यकाल 7 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। इसके चलते अगले वर्ष इन सीटों पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
राजनीतिक दलों ने अभी से इन चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिन पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, वे सभी वर्तमान में भी विधान परिषद सदस्य हैं। पार्टी ने अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को ध्यान में रखते हुए मौजूदा सदस्यों पर दोबारा भरोसा जताया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक सक्रियता, शिक्षक और स्नातक वर्ग में पकड़ तथा क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखा गया है। भाजपा इन चुनावों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मान रही है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनावों में शिक्षकों, स्नातकों और शिक्षित मतदाताओं की अहम भूमिका रहती है।
Source: IANS
