बीटिंग रिट्रीट समारोह अलग-अलग बैंड की विविध संगीत परंपराओं को दर्शाता हैः प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 26 अप्रैल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के 133वें एपिसोड को संबोधित किया। इस दौरान सेना के बीटिंग रिट्रीट समारोह के बारे में बात की। इसके साथ लोगों से सेना द्वारा दी जाने वाली इस प्रस्तुति के संगीत को सुनने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे देश में 23 जनवरी यानी नेताजी सुभाष जयंती और 30 जनवरी यानी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक गणतंत्र का महोत्सव मनाया जाता है। इसी महोत्सव का अहम हिस्सा होता है बीटिंग रीट्रिट। बीटिंग रिट्रीट के पीछे एक खास वजह है। यह समारोह अलग-अलग बैंड की विविध संगीत परंपराओं को दर्शाता है। बीते कुछ सालों से इसमें भारतीय संगीत का समावेश बढ़ा है और ये देश के लोगों को भी बहुत पसंद आ रहा है। इस साल का बीटिंग रिट्रीट समारोह यादगार रहा था। एयरफोर्स, आर्मी, नेवी और सीपीएफ बैंड ने बहुत अच्छी प्रस्तुति दी थी। शानदार म्यूजिक के साथ-साथ जानदार फॉर्मेशन का ये प्रोग्राम, हर किसी का ध्यान आकर्षित करता है।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "इस साल बीटिंग रिट्रीट समारोह में वायु सेना बैंड ने सिन्दूर फॉर्मेशन बनाया। नौसेना बैंड ने मत्स्य यंत्र निर्माण का निर्माण किया। वहीं, आर्मी बैंड की परफॉर्मेंस में वंदे-मातरम् के 150 साल और क्रिकेट में भारत की सफलता को भी दर्शाया गया। बीटिंग रिट्रीट बीत जाने के बाद ये सारी मेहनत और उपलब्धि धीरे-धीरे ओझल हो जाती थी, लेकिन अब इसे लेकर बहुत अच्छा प्रयास हुआ है। बीटिंग रिट्रीट का म्यूजिक पहली बार वेव्स ओटटी पर उपलब्ध है। आने वाले समय में यह म्यूजिक दूसरे प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगा। इस म्यूजिक सुनकर सभी को अपनी सेना और परंपराओं पर गर्व होगा।"

बता दें कि बीटिंग द रिट्रीट भारत के गणतंत्र दिवस समारोह की समाप्ति का सूचक है। इस कार्यक्रम में थल सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। गणतंत्र दिवस के बाद हर वर्ष बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। समारोह का स्थल रायसीना हिल्स और बगल का चौकोर स्थल (विजय चौक) होता है, जो कि राजपथ के अंत में राष्ट्रपति भवन के उत्तर और दक्षिण ब्लॉक द्वारा घिरे हुए हैं।

Source: IANS

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