ईडी ने पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले में छत्तीसगढ़ पीएससी के पूर्व चेयरमैन को किया गिरफ्तार

रायपुर, 27 जुलाई । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत भ्रष्टाचार, प्रश्न-पत्र लीक और सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षाओं में हेरफेर से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है।

ईडी ने सोनवानी को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उसे रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को सात दिन यानी 30 जुलाई तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया।

ईडी ने रायपुर की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग/एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर और उसके बाद सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की जांच के आधार पर अपनी जांच शुरू की।

इस मामले में 2020 और 2021 में हुई सीजीपीएससी स्टेट सर्विस परीक्षाओं के आयोजन में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप है।

ईडी के अनुसार, सीजीपीएससी के चेयरमैन के तौर पर काम करते हुए सोनवानी ने दूसरे सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। इसका मकसद गैर-कानूनी फायदे के बदले प्रश्न-पत्र लीक करना और सिलेक्शन प्रोसेस में हेरफेर करना था, ताकि उनके अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों का डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जैसे सीनियर सरकारी पदों पर धोखाधड़ी से सिलेक्शन हो सके।

जांच में यह भी पता चला कि 2021 में सीजीपीएससी के भर्ती नियमों में बदलाव करके परिवार की परिभाषा से भतीजे शब्द को हटा दिया गया था और इस बदलाव से सोनवानी के रिश्तेदारों के सिलेक्शन में मदद मिली।

अपराध से हुई कमाई का कुछ हिस्सा नगद में इकट्ठा किया गया और कुछ हिस्सा कई लेयर वाले बैंकिंग ट्रांजैक्शन के जरिए घुमाया गया। बयान देते समय सोनवानी ने टालमटोल वाले और असहयोगात्मक जवाब दिए और जरूरी तथ्यों को छिपाया।

ईडी ने कहा कि उन्हें अपराध से हुई कमाई का पता लगाने, मनी ट्रेल का पता लगाने और इस रैकेट में शामिल दूसरे लोगों की पहचान करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement