दिल्ली दंगे: अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने पर शरजील इमाम तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करेंगे
उन्हें दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश के संबंध में 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि समाप्त हो रही है।

नई दिल्ली, 29 मार्च। दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम सोमवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले हैं। उन्हें दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश के संबंध में 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि समाप्त हो रही है।
इमाम को कड़कड़डूमा अदालत ने 20 मार्च से 30 मार्च तक उनके छोटे भाई की शादी में शामिल होने और अपनी बीमार मां की देखभाल करने के लिए कड़ी शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने अस्थायी राहत देते हुए इमाम को 50,000 रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया था। अदालत ने अंतरिम जमानत अवधि के दौरान मीडिया से बातचीत करने या सोशल मीडिया का उपयोग करने पर रोक सहित कई सख्त प्रतिबंध भी लगाए थे।
अदालत ने आगे निर्देश दिया था कि इमाम केवल अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों से ही मिलें और किसी भी गवाह या मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें।
उन्हें अपना मोबाइल फोन हर समय चालू रखने और जांच अधिकारी के साथ नंबर साझा करने के लिए भी कहा गया था। अंतरिम जमानत अवधि के दौरान, इमाम को अपने आवेदन में निर्दिष्ट अनुसार या तो अपने आवास पर या विवाह समारोह स्थलों पर रहने की अनुमति दी गई थी।
इमाम ने शादी की व्यवस्था संभालने और अपने परिवार, विशेषकर अपनी बीमार मां का भरण-पोषण करने की जिम्मेदारी अपने इकलौते भाई पर होने का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की अर्जी दी थी।
अभियोजन पक्ष ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि समारोहों के लिए उनकी उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी और परिवार द्वारा पहले ही पर्याप्त व्यवस्था की जा चुकी थी। अभियोजन पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि उनकी रिहाई को अनिवार्य बनाने वाली कोई आपातकालीन चिकित्सा स्थिति नहीं थी।
इमाम उन कई छात्र कार्यकर्ताओं में से एक हैं, जिन पर फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश के संबंध में यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Source: IANS

