इटली के रक्षा मंत्री का भारत दौरा: शहीदों को नमन, रक्षा सहयोग पर राजनाथ संग अहम चर्चा

नई दिल्ली, 30 अप्रैल । इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। यहां अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से की। यहां उन्होंने शहीद सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान इटली के रक्षा मंत्री ने भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मानपूर्वक नमन किया।

इसके बाद दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ केंद्र में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों को दर्शाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके इतालवी समकक्ष के बीच गुरुवार को ही नई दिल्ली में अहम द्विपक्षीय वार्ता हो रही है। इस बैठक में दोनों देश रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

यह बैठक वर्ष 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों का अगला कदम मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक भारत और इटली रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती रणनीतिक और रक्षा साझेदारी का भी इस संबंध पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। दोनों देश आधुनिक रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा केवल औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकेत है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देश एक-दूसरे के विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभर रहे हैं। दरअसल यह द्विपक्षीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य लगातार बदल रहा है। बदलते सुरक्षा परिदृश्य के चलते विभिन्न देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की अहमियत भी बढ़ गई है।

राजनाथ सिंह व इटली के रक्षामंत्री के बीच इस वार्ता को रक्षा सहयोग और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेता भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसमें सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग में साझेदारी, नई तकनीकों के आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में संभावनाओं पर विशेष ध्यान रहेगा। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा, ताकि दोनों देश एक साझा समझ विकसित कर सकें।

गौरतलब है कि भारत और इटली के बीच रक्षा संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति हुई है। अक्टूबर 2023 में राजनाथ सिंह की इटली यात्रा के बाद इन संबंधों को नई गति मिली थी। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी। अब इटली के रक्षा मंत्री की यह पहली भारत यात्रा इस बात का संकेत है कि दोनों देश इस सहयोग को और आगे ले जाने के लिए गंभीर हैं। जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए रक्षा और रणनीतिक साझेदारी समझौते ने भी इस रिश्ते को मजबूती दी है।

गौरतलब है कि मंगलवार को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस व चीन के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात व बातचीत की है। रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह ने इस बातचीत को बेहतरीन और सार्थक बताया।माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर रक्षा सहयोग, सैन्य तकनीक और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Source: IANS

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