कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ, 1000 तीर्थयात्रियों को मिलेगा पवित्र यात्रा का अवसर
विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा (केएमवाई) 2026 का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। यह पवित्र यात्रा जून से अगस्त 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 1000 भारतीय तीर्थयात्रियों को शामिल किया जाएगा।

नई दिल्ली, 30 अप्रैल। विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा (केएमवाई) 2026 का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। यह पवित्र यात्रा जून से अगस्त 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 1000 भारतीय तीर्थयात्रियों को शामिल किया जाएगा।
इस वर्ष यात्रा के लिए कुल 20 जत्थे (बैच) भेजे जाएंगे। प्रत्येक जत्थे में 50-50 यात्री होंगे। यात्रियों को दो मार्गों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर भेजा जाएगा—उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से 10 जत्थे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे से 10 जत्थे।
यह यात्रा भारत सरकार और चीन (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) के समन्वय से आयोजित की जाती है, जिससे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध कराया जा सके।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यात्रियों का चयन निष्पक्ष कंप्यूटर आधारित रैंडम लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा, जिसमें लिंग संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा।
आवेदन के लिए अंतिम तिथि 19 मई 2026 निर्धारित की गई है। आवेदक दोनों मार्गों को चुन सकते हैं या किसी एक मार्ग को प्राथमिकता दे सकते हैं। पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनाई गई है, जिससे किसी प्रकार की मैनुअल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, जैन, बौद्ध और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए इस कठिन लेकिन आध्यात्मिक यात्रा पर निकलते हैं।
विदेश मंत्रालय ने सभी इच्छुक यात्रियों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य पूरा करें।
Source: IANS
