राम मंदिर दान प्रकरण: वीएचपी अध्यक्ष बोले- 'जिस पर भी आरोप लगे, उसकी

नई दिल्ली, 3 जुलाई । विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में हुए गबन के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही, आलोक कुमार ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर भी जवाब दिया है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए वीएचपी के अध्यक्ष आलोक कुमार ने चंपत राय पर लगे आरोपों पर कहा, "आरोप लगे हैं। कुछ लोगों ने उनके खिलाफ भी आरोप लगाए हैं। आरोपों की जांच हो रही है। लोग मुझे कहते हैं कि क्या उन पर लगे आरोपों की भी जांच होगी। मेरी ये समझ है कि ट्रस्ट ने खुद कहा है कि समग्र जांच होनी चाहिए। तो जो-जो आरोप जिस पर लगे हैं, उस पर जांच होगी और जांच के परिणाम की हम प्रतीक्षा करेंगे। यही मेरा जवाब है कि जिस पर भी आरोप लगा है, उसको जांच होनी चाहिए।"

अयोध्या में वकीलों की ओर से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत करने पर उन्होंने कहा, "मेरे पास उस तहरीर की कोई जानकारी नहीं है। मीडिया में भी शायद उसकी विषय-वस्तु नहीं आई है। इसलिए, अभी मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।"

राम मंदिर में नियुक्तियां संघ परिवार के भीतर से होंगी या बाहर से? इस पर आलोक कुमार ने कहा, "मुझे नहीं पता कि आप मुझसे यह क्यों पूछ रहे हैं। इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है। ट्रस्टियों को तय करना है कि किसको नियुक्त करना है और कैसे करना है।"

आलोक कुमार ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर कहा, "हर एक आदमी को अपने सपनों को देखने का अधिकार है, उन्हें भी हैं। लेकिन अगर सोचते हैं कि राम मंदिर के नाम पर लोग अखिलेश यादव को वोट दे देंगे, तो लोग पूछेंगे कि गोलियां चलवाई थी कि नहीं? कारसेवक मारे गए थे या नहीं? कई साल बाद, जब उनके प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या आप उसके लिए क्षमा मांगते हैं, तो उन्होंने कहा कि नहीं मांगते। जो जरूरी था वो किया है।"

उन्होंने आगे कहा, "अखिलेश यादव अपने मुख्यमंत्री रहते कभी अयोध्या नहीं गए। उन्होंने अपने कार्यकाल में अयोध्या के लिए कोई योजना भी नहीं चलाई। पिछली सरकार में अयोध्या एक उदास शहर था, जिसमें कोई विकास नहीं था। इसलिए लोगों को समाजवादी पार्टी का कार्यकाल याद है।"

आलोक कुमार ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर भी जवाब दिया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा गया। आलोक कुमार ने कहा, "वे (केजरीवाल) डींगें मारते हैं और बढ़ा-चढ़ाकर बातें करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया, इशारों-इशारों में कहा है। अगर वे एक बार नाम लेंगे, तो मैं समझता हूं कि पुलिस को उन्हें बुलाकर उनके आरोपों के बारे में जानकारी करना चाहिए, उसका आधार क्या है? उसका प्रमाण क्या है? अगर वह आरोप हवा-हवाई हैं, तो केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"

Source: IANS

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