राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में भाजपा की स्टार पावर बनाम कांग्रेस

जयपुर, 5 सितंबर । राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार अभियान जोर पकड़ रहा है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो और संगठनात्मक तंत्र पर भरोसा कर रही है, जबकि विपक्षी कांग्रेस वार्ड स्तर के उम्मीदवारों, जमीनी स्तर के नेटवर्क और नागरिक मुद्दों पर केंद्रित अधिक स्थानीय मार्ग अपना रही है।

इन विपरीत रणनीतियों ने चुनावों को इस बात की परीक्षा में बदल दिया है कि क्या भाजपा की स्टार पावर स्थानीय शासन और मतदाताओं से जुड़ने पर कांग्रेस के फोकस पर भारी पड़ सकती है।

चुनाव प्रचार के अंतिम चरण के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रमुख शहरों में 10 मेगा रोड शो आयोजित करने वाले हैं और नगर निगम चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेंगे।

जहां भाजपा अपने चुनाव प्रचार को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री, केंद्रीय और राज्य मंत्रियों और अपने संगठनात्मक तंत्र पर भरोसा कर रही है, वहीं कांग्रेस ने अधिक स्थानीय दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें वार्ड स्तर के उम्मीदवारों, स्थानीय नेताओं और नागरिक मुद्दों पर अधिक जोर दिया गया है।

इन विपरीत रणनीतियों ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को इस बात की परीक्षा में बदल दिया है कि क्या भाजपा का व्यापक प्रचार अभियान और संगठनात्मक शक्ति, कांग्रेस के स्थानीय मुद्दों और जमीनी नेटवर्क पर केंद्रित रणनीति का मुकाबला कर सकती है। भाजपा ने राजस्थान के प्रमुख क्षेत्रों में मुख्यमंत्री के रोड शो की योजना बनाई है।

शनिवार को उदयपुर और भीलवाड़ा में रोड शो आयोजित किए जाएंगे। भजनलाल शर्मा उदयपुर और भीलवाड़ा में कार्यक्रमों के साथ रोड शो अभियान की शुरुआत करेंगे, जिसमें मेवाड़ क्षेत्र और उसके शहरी मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

रविवार को बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में रोड शो आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री एक ही दिन में बीकानेर, अजमेर और जोधपुर का दौरा करेंगे।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पश्चिमी और मध्य राजस्थान के प्रमुख शहरी केंद्रों में अभियान को बढ़ावा देना है।

सोमवार को होने वाले रोड शो भरतपुर और अलवर में होंगे, जो पूर्वी राजस्थान और मत्स्य क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण शहरी केंद्र हैं।

8 सितंबर को पाली और कोटा में रोड शो आयोजित किए जाएंगे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में भाजपा पाली और कोटा में अपनी गति बनाए रखने की योजना बना रही है।

9 सितंबर को जयपुर में एक रोड शो आयोजित किया जाएगा, और इसी दिन राज्य की राजधानी में एक भव्य रोड शो के साथ चुनाव प्रचार का समापन होगा। यह चुनाव प्रचार का अंतिम दिन होगा। कार्यक्रम में जयपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले कई वार्डों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।

भाजपा की चुनाव प्रचार रणनीति केवल जनसभाओं तक ही सीमित नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बूथ स्तर की तैयारियों को मजबूत करने और चुनाव प्रचार गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने के लिए विभिन्न जिलों में संगठनात्मक बैठकें भी कर रहे हैं।

पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्रभारी, सह-प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।

केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रियों को विशिष्ट वार्डों और नगर निकायों की जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा नेतृत्व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ सीधे समन्वय स्थापित करने और संगठनात्मक कमजोरियों और आंतरिक मतभेदों को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

कांग्रेस ने एक अलग चुनावी रणनीति अपनाई है, जिसमें प्रमुख राज्य या केंद्रीय नेताओं को शामिल करने वाले बड़े पैमाने के अभियानों के बजाय स्थानीय नेतृत्व और वार्ड-स्तरीय मुद्दों पर अधिक जोर दिया गया है।

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि नगरपालिका चुनाव मुख्य रूप से स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, जिनमें स्वच्छता, स्ट्रीटलाइट, सड़कें और वार्ड स्तर का विकास शामिल है।

Source: IANS

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